जनसंवाद कार्यक्रम में सरदार से नेता बने अशोक महतो ने समाज को लेकर कही बड़ी बात

 

वारिसलीगंज (नवादा): वारिसलीगंज के पिछड़े, अतिपिछड़े तथा अनुसूचित समुदाय के लोगों पर हो रहे अत्याचार का मैंने विरोध किया, तब सामन्तवादियों द्वारा मुझे जूते का माला पहनाकर अपमानित करते हुए जेल भेजकर कई प्रकार की यातनाएं दी गई। उक्त बातें रविवार को जिले के वारिसलीगंज स्थित पटेल चौक के समीप कुटिया मैदान में आयोजित जन-संवाद कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अशोक महतो उर्फ साधु जी ने कही। उन्होंने कहा कि मैं आपकी इज्जत-आवरू की रक्षा के लिए सामन्तवादियों के विरुद्ध लड़ाई के मैदान में कूदा था, परंतु सामंतों के द्वारा अपमानित करते हुए मुझे जेल में डलवा दिया गया था। अब मैं 17 वर्षों के वनवास के बाद अपने बीच आया हूं, जिससे मुझे अपार खुशी हो रही है।

 

साधु जी ने कहा कि वारिसलीगंज में वर्ष 1996 से लेकर 2005 की दिनदहाड़े पिछड़ों, अतिपिछड़ों तथा गरीबो पर जुल्म हो रहा था, हत्याएं हो रही थी, नरसंहार किया जा रहा था, तब मैंने आप लोगों की हिफाजत के खातिर अपराधियों के विरुद्ध आवाज उठाया था। उन्होंने कहा कि मुझे आपके द्वारा दिया जा रहा सम्मान काफी सुखद अनुभूति दे रहा है, इसलिए आगे भी हम आपके मान सम्मान की रक्षा के लिए सदैब तैयार रहूंगा, सिर्फ आपके एक जुटता की जरूरत है।बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर, जननायक कर्पूरी ठाकुर, शहीद जगदेव, सरदार बल्लभ भाई पटेल, शहीद रामफल मंडल, माउंटेन मैन दशरथ मांझी तथा डॉ एपीजे अब्दुल कलाम आजाद के बताए मार्ग पर चलूंगा।

 

इस अवसर पर मंच संचालन पूर्व जिला पार्षद डॉ0 राजीव कुमार सिन्हा ने किया। उन्होंने कहा कि मगध सम्राट सरदार अशोक महतो उर्फ साधु जी ने समाज की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योक्षावर कर खुद यातनाएं सहा है। मौके पर पूर्व विधायक प्रदीप महतो, राम बालक यादव, हीरा रविदास, वारिसलीगंज नप के सभापति प्रतिनिधि डब्लू गुप्ता, नेत्र चिकित्सक डॉ राजीव रंजन, संजय यादव तथा पूर्व जिला पार्षद मीणा देवी सहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे।

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