निर्जल एकासना और उपवास रखने वाले जैन स्टुडेंट्स ने पारणा में उठाया स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ

प्रो.श्याम सुंदर भाटिया
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के निर्जल, एकासना और उपवास रखने वाले सभी श्रावक-श्राविकाओं को कुलाधिपति श्री सुरेश जैन ने अनंत चौदस के अगले दिन क्षमावणी पर उपवास खोलने के लिए अपने आवास-संवृद्धि पर न्योता दिया, जिसमें 450 से अधिक जैन छात्र-छात्राओं ने पारणा के दौरान स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाया। इससे पूर्व कुलाधिपति के अलावा टीएमयू फर्स्ट लेडी श्रीमती बीना जैन ने सभी श्रावक-श्राविकाओं का चंदन का टीका करके गर्मजोशी से स्वागत किया, जबकि गु्रप वाइस चेयरमैन श्री मनीष जैन, उनकी धर्मपत्नी श्रीमती ऋचा जैन और उनके सुपुत्र श्री अक्षत जैन ने अतिथियों को सेवा भाव से व्यंजन परोसे। अधिकांश श्रावक-श्राविकाओं ने आसन ग्रहण करके ही पारणा किया। पारणा के दौरान खास बात यह रही, कुलाधिपति परिवार के माननीय सदस्य सभी आमंत्रित श्रावक- श्राविकाओं के पास जा-जाकर यह विनम्र भाव से पूछते नजर आए, आप क्या लेंगे……., आपने यह तो लिया ही नहीं………, आप यह तो लीजिए……।

इस बेहद मधुरभाषी व्यवहार ने न केवल श्रावक-श्राविकाओं का दिल जीत लिया बल्कि व्यंजनों का स्वाद भी दोगुना हो गया। दूसरी ओर पारणा से पूर्व श्रीजी को रिद्धि-सिद्धि भवन से जिनालय में विराजमान कराया गया। श्रीजी की पालकी को लाने का सौभाग्य श्रावक- श्री हर्षित जैन, श्री यश जैन, श्री दीपक जैन, श्री चिराग जैन, आयुष जैन, श्री विरल जैन, श्री जय जैन, श्रीश जैन, श्री सार्थक जैन, श्री तनुज जैन आदि को मिला। इन्हीं छात्रांे को दस लक्षण के पहले दिन जिनालय से पालकी को रिद्धि-सिद्धि भवन लाने का श्रेय भी जाता है। इस मौके पर ब्रह्मचारिणी डॉ. कल्पना दीदी, प्रो. आरके जैन, डॉ. अर्चना जैन, डॉ. विनीता जैन समेत दर्जनों श्रावकों की मौजूदगी रही। सम्मेद शिखर से आए विधानाचार्य श्री ऋषभ शास्त्री ने गु्प वाइस चेयरमैन श्री मनीष जैन और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती ऋचा जैन से जिनालय में विधि विधान से श्रीजी का अभिषेक कराया। दस लक्षण महापर्व के समापन पर जिनालय परिवार की ओर से टीएमयू हॉस्पिटल के मरीजों को फल भी वितरित किए गए।

उल्लेखनीय है कि पारणा में केसर का दूध, फल में अनार, सेब, केला, अमरूद, अनानास, ड्राइफ्रूट, मूंग की दाल के चीले, उकाली, सूजी का हलवा, पोहा, छोले भटूरे, पकौड़ी, मुरादाबादी दाल, छना हुआ पानी आदि समेत लाजवाब व्यंजन थे, जिनसे श्रावक-श्राविकाओं ने अपना उपवास खोला। दस लक्षण महोत्सव के दौरान लगातार उपवास रखने वाले श्रावक-श्राविकाओं को विशेषकर उकाली और नीबूं पानी सर्व किया गया। श्रावक-श्राविकाओं का संवृद्धि के अन्दर पारणा द्वार पर बारी-बारी से कुलाधिपति श्री सुरेश जैन और फर्स्ट लेडी श्रीमती बीना जैन ने टीका किया। 

इस मौके पर कुलाधिपति परिवार के अलावा टिमिट डायरेक्टर प्रो. विपिन जैन, निदेशक अस्पताल श्री विपिन जैन, एचओडी सिविल इंजीनियरिंग प्रो. आरके जैन, डॉ. अर्चना जैन, डॉ. कल्पना जैन, डॉ. विनीता जैन, डॉ. अक्षय जैन, डॉ. अप्रित जैन आदि मौजूद रहे। इस सुअवसर पर शिखर जी से आए प्रतिष्ठाचार्य श्री ऋषभ शास्त्री की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। इसके अलावा श्रावक-श्राविकाओं में श्री संकल्प जैन, सौम्या जैन, दृष्टि जैन, खुशी जैन, वैभव जैन, प्रयास जैन, पारस जैन, आदि मुख्य रूप से शामिल रहे।

तिलक के दौरान सर्वाधिक छात्र-छात्राओं ने कुलाधिपति और फर्स्ट लेडी के चरणस्पर्श करके उनका आशीर्वाद लिया। इससे पूर्व रिद्धि-सिद्धि भवन में रविवार की शाम को महाआरती हुई। 1008 दीयों की रोशनी से रिद्धि-सिद्धि भवन जगमगा उठा। महाआरती में भगवान महावीर स्वामी, भगवान शांति नाथ, पंच परमेष्ठी की आरती हुईं। इसके अलावा एक से बढ़़कर एक भक्ति गीत हुए। दिल्ली से आई सरस एण्ड पार्टी के भक्ति गीतों पर कुलाधिपति परिवार के संग-संग हाथों में दीपक लेकर सैकड़ो श्रावक-श्राविकाएं भक्ति में लीन हो गए।

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