• जिनालय में भगवान महावीर को चढ़ाया जाएगा स्वर्ण छत्र
• कुलाधिपति परिवार ने किया मंडप पर मंगल कलश स्थापित
• कुलाधिपति आवास- संवृद्धि पर सोमवार को होगा पारणा
• टीएमयू में धूमधाम से 26 सितम्बर को निकलेगी रथयात्राप्रो. श्याम सुंदर भाटिया

दसलक्षण महोत्सव-2021 के अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य/अनंत चतुर्दशी पर भगवान वासुपूज्य मोक्ष कल्याणक महोत्सव एवं लड्डू समर्पण विधिविधान से मनाया गया। चौसठ रिद्धि विधान भी हुआ। अंत में हवन हुआ। लड्डू समर्पण का सौभाग्य लॉ के स्टुडेंट्स- विशेष जैन, अमन जैन, यश जैन, रितुषा जैन,आकांक्षा जैन, निष्ठा जैन, खुशी जैन, रिया जैन, मैत्री जैन, चिन्मय जैन को मिला। इनके संग-संग लड्डू चढ़ाने का सौभाग्य निदेशक एडमिशन श्री एसपी जैन, निदेशक हॉस्पिटल श्री विपिन जैन, श्री पवन जैन, सीनियर फॉर्मेसी फैकल्टी श्री आशीष सिंघई, श्रीमती सुनीला जैन, स्टुडेंट्स- विशाखा जैन, सौम्या जैन आदि को मिला। प्रथम स्वर्ण कलश से अभिषेक का सौभाग्य छात्र अर्चित जैन, द्वितीय स्वर्ण कलश का निदेशक टिमिट डॉ. विपिन जैन, तृतीय स्वर्ण कलश का रोहित जैन, चतुर्थ स्वर्ण कलश का सौभाग्य नीशू जैन को मिला। अभिषेक कार्यक्रम के बाद स्वर्ण कलश से शांतिधारा करने का सौभाग्य श्री नेमीचन्द्र जैन, श्री नवीन कुमार जैन, श्री सनत कुमार जैन, डॉ. रत्नेश जैन, श्री आदि जैन, श्री शैलेन्द्र सिंघई, श्री रिद्धम जैन, डॉ. आयुष जैन, श्री ओमप्रकाश जैन जबकि द्वितीय दूसरी ओर रजत कलश से शांतिधारा करने का सौभाग्य श्री जयभगवान जैन, डॉ. अर्पित जैन ने प्राप्त किया।

इस मौके पर कुलाधिपति श्री सुरेश जैन, फर्स्ट लेडी श्रीमती बीना जैन, ग्रुप वाइस चेयरमैन श्री मनीष जैन, उनके सुपुत्र श्री अक्षत जैन, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के एचओडी प्रो. रवि जैन, डॉ. विनोद जैन, श्री रत्नेश जैन, श्रीमती अर्चना जैन, ब्रह्मचारिणी कल्पना दीदी, डॉ. अर्पित जैन, श्री आदित्य विक्रम जैन, श्री अरिन्जय जैन आदि भक्ति में लीन रहे। चौसठ रिद्धि विधान में कलश स्थापना करने का सौभाग्य श्रीमती पूजा जैन, श्रीमती निधि जैन, श्रीमती ऋचा जैन, श्रीमती अर्चना जैन को प्राप्त हुआ। अष्ठप्रातिहार्य विराजमान करने का सौभाग्य डॉ. अर्पित जैन, डॉ. रवि जैन, श्रीमती चीना जैन, श्रीमती विनीता जैन, श्री पवन जैन आदि को प्राप्त हुआ। मण्डप पर मंगल कलश स्थापना करने का सौभाग्य कुलाधिपति परिवार को हुआ। कुलाधिपति के आवास- संवृद्धि पर 20 सितंबर-सोमवार को प्रातः साढे़ छह बजे से पारणा होगा, जिसमें श्रावक-श्राविकाओं शामिल होंगे, जबकि भगवान की रथ यात्रा धूमधाम से 26 सितम्बर को निकाली जाएगी। रथ की पूजा करने का सौभाग्य टिमिट के चार छात्र- यश जैन, अविचल जैन, अर्पन जैन, अभिषेक जैन को प्राप्त होगा। भगवान महावीर स्वामी को स्वर्ण छत्र और स्वर्ण भामण्डल चढ़ाया जाएगा। इसके लिए श्रावक और श्राविकाओं ने स्वर्ण दान दिया।


उत्तम ब्रह्मचर्य के दिन सम्मेद शिखर से आए पंडित श्री ऋषभ जैन बोले, सभी विद्यार्थियों को उत्तम ब्रह्मचर्य का पालन विधि विधान से करना चाहिए। वर्तमान में कई लोग उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म भूल गए है। विद्याध्ययन में सिद्धि ब्रह्मचर्य के पालन से शीघ्र प्राप्त होती है। किसी भी कार्य की सिद्धि और सफलता में ब्रह्मचर्य का पालन अद्भुत प्रभाव देता है। रंगमा रंगमा रे …, सुमेरू पर जिनवर का अभिषेक हो रहा है …, बाबा टीएमयू बाले जीवन तेरे हवाले …, जीवन है पानी की बूंद कब मिट जाए रे …, हमें है सहारा प्रभु तेरे नाम का …, केसरीया केसरीया आज हमारा मन केसरीया …, जबसे गुरू दर्श मिला मन ये मेरा खिला खिला … आदि भजनों पर दिल्ली से आई सरस एंड पार्टी ने प्रस्तुति दी। अंतिम दिन श्री अनंतनाथ भगवान पूजन, श्री वासुपूज्य भगवान पूजन, सोलहकरण पूजन और दसलक्षण पूजन, रत्नत्रय पूजन हुई।


दूसरी ओर सीसीएसआईटी और कॉलेज ऑफ फार्मेसी की ओर से आयोजित कल्चरल इवनिंग में जैन छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इससे पूर्व एफओईसीएस के प्राचार्य प्रो. आरके द्विवेदी, डॉ. अर्पित जैन, डॉ. विनय मिश्रा, श्री आदित्य जैन, श्री प्रदीप साह, डॉ. शम्भू भारद्वाज के संग-संग स्टुडेंट्स जयघोष के बीच जिनालय से महाआरती को लेकर रिद्धि-सिद्धि भवन पहुँचे। कल्चरल प्रोग्राम का शंखनाद दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। इस मौके पर टीएमयू मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। सीसीएसआईटी की ओर से नाटिका- अणु व्रत की महिमा का मंचन किया गया।

राजा, मंत्री, ढोलची, राजकुमार, राजकुमार का मित्र, माली, माली की पत्नी, गुप्तचर, चांडाल, सैनापति सरीखे पात्रों पर केन्द्रित इस नाटिका में सर्वज्ञय, मुदित, प्रासुक, सिद्ध, पारस जैन, हरीश जैन, आदेश जैन, सुचित्रा जैन, भावेश जैन, कनिष्का जैन, चिराग जैन आदि का सशक्त अभिनय रहा। नाटिका यह संदेश देने में सफल रही, मुनिराज के सामने संकल्पित चांडाल कैसे हिंसात्मक प्रवृत्ति छोड़कर अहिंसक हो जाता है। फार्मेसी कॉलेज के स्टुडेंट्स ने मैशअप … उड़ी उड़ी जाए, प्रभु की भक्ति में पतंग उड़ी उड़ी जाए …, घूमर घूमर घूमर रे …, के जरिए आकांक्षा वाजपेयी, दिव्यांशा मिश्रा, मयंक, आकाश, नीलेश, मानव, शिवम, सचिन आदि ने मन मोहक भक्ति नृत्य किया।

सीसीएसआईटी के छात्र-छात्राओं ने … हे शुभारम्भ, मंगल बेला आई …, बन ठन चली, जय हो …, पर मिहीर जैन, ऋषि जैन, शाहिल जैन, कनिष्क जैन, आदेश, दिव्या, हर्षिता आदि ने सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति दी। इस सास्कृतिक संध्या का शुभारम्भ मंगलाचरण से हुआ। कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में सीटीएलडी के डायरेक्टर प्रो. आरएन कृष्णिया और फॉर्मेसी के प्राचार्य डॉ. अनुराग वर्मा रहे। बेस्ट ऑफ द डे भावेश, सर्वज्ञय और कनिष्का रहे। इस मौके पर सीसीएसआईटी के कॉओर्डिनेटर श्री आदित्य जैन के अलावा डॉ. अर्पित जैन, फैकल्टी हीना हाशमी, मेघा जैन, हुमेरा अकील मौजूद रहे, जबकि कॉलेज ऑफ फार्मेसी की ओर से प्राचार्य डॉ. अनुराग वर्मा, डॉ. पीयूष मित्तल, डॉ. एल्फाइन प्रभाकर, श्री राघवेन्द्र मिश्रा, श्री राजेश शर्मा , श्री अरिन्जय जैन, श्री आदित्य विक्रम जैन आदि मौजूद रहे।

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