प्रोजेक्ट पंछी के सफल संचालन को लेकर पांच दिवसीय कार्यशाला का समापन

पंछी प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन को लेकर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन आज दिनांक-28.08.2021 को विकास भवन के सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों के संरक्षण एवं सुरक्षा के लिए बनाये गए कानूनों ,योजनाओं और कार्यक्रम को ग्राम स्तरीय बाल सुरक्षा समिति तक पहुँचाना है l प्रशिक्षणार्थीयों को VLCPC से सम्बंधित विस्तृत जानकारी कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन से आये मास्टर ट्रेनर्स साकेत कुमार मिश्र ,संतोष दुबे, किरण कुमारी और कांति कुमारी एवं जिला बाल संरक्षण इकाई से आशुतोष कुमार झा और सुशील कुमार पाण्डेय द्वारा दी गयी। MIS का प्रशिक्षण डीसी सेल से आस्था जोशी ने दिया। इस प्रसिक्षण का शुभारंभ देवघर उपायुक्त द्वारा किया गया एवं समापन उप विकास आयुक्त देवघर द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डीआरडीए निदेशक श्रीमती नयनतारा केरकेट्टा , CWC के मेम्बर श्रीमान देवेन्द्र पाण्डेय , पुलिस विभाग से महिला थाना प्रभारी सुमन कुमारी एवं चाइल्ड लाइन से श्रीमती आभा विशेष अतिथि रहे। ज्ञात हो कि 24 अगस्त से चल रहे इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण में विभिन विभागों जैसे महिला बाल विकास , शिक्षा विभाग , जेएसलपीएस , तेजस्विनी एवं स्वयं सेवी संस्थाओं से आये 224 लोगों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। महिला बाल विकास से महिला पर्यवेक्षिका, शिक्षा विभाग से सहायक अध्यापक एवं क्लस्टर रिसोर्स पर्सन, जेएसलपीएस से प्रोफेशनल रिसोर्स पर्सन, तेजस्विनी से क्लस्टर कॉर्डिनेटर और स्वयं सेवी संस्थाओं (नीड्स, क्वेस्ट अलायन्स ,प्रेरणा भारती ,चेतना विकास ,प्रवाह एवं ग्राम ज्योति ) के कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर्स के रूप में तैयार किया गया है। प्रशिक्षण में नाटकीय प्रस्तुति के द्वारा बच्चों के संरक्षण एवं सुरक्षा में VLCPC की भूमिका को समझाया गया। यह मास्टर ट्रेनर्स ग्रामीण स्तर पर अपने – अपने विभाग के कर्मियों को प्रसिक्षण देंगे और VLCPC के सदस्यों की क्षमता निर्माण करने में सहयोग करेंगे। इस कार्यक्रम का समन्वय डीसी सेल से नियुक्त अमृता सिंह ने किया।

इसके अलावे कार्यक्रम के दौरान विशेष अतिथि के तौर पर उपस्थित उप विकास आयुक्त श्री संजय सिन्हा द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बाल मजदूरी, बाल विवाह, बाल व्यापार से संबंधित मामलों की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निदेश देते हुए कहा गया कि इन विषयों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता है, ताकि सुदूरवर्ती इलाकों के लोगों को भी जागरूक किया जा सके। साथ ही उन्होंने जिले में कार्य कर रही स्वयंसेवी संस्थाओं और जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा सभी प्रखंडों में गठित प्रखंड बाल संरक्षण समिति एवं ग्राम बाल संरक्षण समिति को सशक्त करने के लिए समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की बात कही। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन के तकनीकी हेड श्री संतोष दुबे द्वारा जानकारी दिया गया कि देवघर जिला प्रशासन के सहयोग से देवघर जिलांतर्गत वैसे 06-18 वर्ष के बच्चे जो किसी भी कारण से समाज के मुख्यधारा से अलग हो गए है या फिर जिन बच्चों को आधारभूत शिक्षा नही मिल पा रही है, बाल श्रम में लगे हुए बच्चों आदि को चिन्हित करते हुए उन्हें, शिक्षा, सुरक्षा, समानता का अवसर एवं समाज के मुख्यधारा से जोड़ते उनके सर्वांगीण विकास किया जाना है। इन्ही बातों का प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनरों को इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में दिया गया।

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