भारतीय क्रिकेट में एक नए खिलाड़ी का उदय हुआ है। यह खिलाड़ी टीम इंडिया के लिए कुछ ही समय में उम्मीद की किरण बन गया । इस खिलाड़ी को लेकर हर कोई मानने लगा है कि यह 2021 में होने वाली टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के बड़े काम आएगा। टी नटराजन वो खिलाड़ी जिसने 2020 आईपीएल से नाम कमाया और उसका फल ऑस्ट्रेलिया दौरे में मिला। ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टी नटराजन नेट्स बॉलर बन कर गए थे। लेकिन किस्मत की बाजी ऐसी पलटी कि सीधे तीसरे वनडे मैच में डेब्यू करने का मौका मिल गया। नटराजन को उसके बाद टी-20 सीरीज के तीनों मैच खेलने का मौका मिला। जहां उन्हें 3 मैचों में 6.91 की किफायती इकॉनमी से 6 विकेट लिए। नटराजन के इस प्रदर्शन को देखकर कप्तान विराट कोहली भी काफी खुश हुए और उन्हें 2021 विश्व कप की टीम में खेलने को लेकर बातें करने लगे। कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के बाद कहा कि “शमी और बुमराह की अनुपस्थिति में उसने अच्छी जिम्मेदारी निभायी और दबाव की परिस्थितियों में शानदार गेंदबाजी की।मुझे विश्वास है कि वह अपने खेल पर कड़ी मेहनत करना जारी रखेगा और बेहतर गेंदबाज बनता जाएगा क्योंकि बायें हाथ का तेज गेंदबाज किसी भी टीम के लिए महत्वपूर्ण होता है। अगर वह इस तरह से गेंदबाजी करना जारी रखता है तो अगले साल होने वाले विश्व कप से पहले यह हमारे लिए बहुत अच्छी बात होगी।”


जाहिर है कप्तान कोहली की बात बिल्कुल सही है। क्योंकि जब से नटराजन ने आईपीएल और भारत के लिए खेलना शुरू किया है तो उन्हें दूसरा बुमराह माना जा रहा है। इस खिलाड़ी को बुमराह के साथ तौला जा रहा है कहा जा रहा है कि नटराजन टी-20 वर्ल्ड कप में बुमराह के साथ डेथ ओवर में एक छोर से गेंदबाजी करेंगे तो कमाल हो जाएगा। इन दोनों के सामने बड़े से बड़े दिग्गज बल्लेबाज फीके पड़ जाएंगे। ऐसे में हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर क्या सच में टी. नटराजन टीम इंडिया के दूसरे बुमराह बन सकते हैं।

क्या सच में टी. नटराजन के रूप में टीम इंडिया को मिल गया दूसरा बुमराह ?
जसप्रीत बुमराह एक ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने काफी कम समय में इंटरनेशनल लेवल पर काफी नाम कमाया। बुमराह ने हर तरह की क्रिकेट में जलवा बिखेरा। बुमराह के इस सफलता के पीछे उनके सटीक यार्कर का कमाल था और ठीक ऐसा ही काम अब जसप्रीत बुमराह कर रहे है। नटराजन ने आईपीएल 2020 में एक गेंदबाज के तौर पर सबसे ज्यादा यार्कर गेंदें फेंकी। नटराजन डेथ ओवर्स में ज्यादा कारगर होते है और उनके पास अपने ओवर की हर गेंद पर यार्कर फेंकने की काबिलियत है। जसप्रीत बुमराह भी यही काम करने में माहिर है। नटराजन एक लेफ्ट हैंड गेंदबाज जो बल्लेबाज के लिए हमेशा से खेलने में मुश्किल माना जाता रहा है। ऐसे में अगर नटराजन को दूसरा बुमराह छोड़कर नटराजन ही रहने दिया जाए तो बेहतर है। क्योंकि बुमराह का बॉलिंग एक्शन काफी जुदा है। वहीं नटराजन एक बेहतरी तेज गेंदबाज का बॉलिंग एक्शन लेकर दौड़ते है। ऐसे में आने वाले समय में नटराजन अपने यार्कर के साथ गेंदबाजी में लाइन लेंथ पर सटीकता लाते हैं तो वह भारत के लिए बेहतरीन गेंदबाज बन सकते हैं।

नटराजन के लिए आसान नहीं था गेंदबाज बनने का सफर !
नटराजन बचपन में एक गरीब परिवार से संबंध रखते थे। नटराजन के पिता रेलवे स्टेशन पर कुली थे और मां खेतों में काम करती थी।नटराजन के लिए सबकुछ आसान नहीं था। उन्हें अपनी खेल की जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसों की जरूरत थी। लेकिन परिवार की माली हालात को देखकर ये सब हासिल करना आसान नहीं था। नटराजन सलेम जिले के एक छोटे से गांव चिन्नाप्पमपट्टी से है, जो चेन्नई से लगभग 340 किलोमीटर दूर है। नटराजन के पिता दिहाड़ी मजदूरी किया करते थे, जबकि उनकी मां सड़क के किनारे एक छोटी सी दुकान पर नाश्ता बेचती थी। एक बार नटराजन ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी. पांच भाई-बहनों में नटराजन सबसे बड़े थे और उन पर बहुत ज़िम्मेदारियां थीं। उन्होंने अपने करियर के शुरुआती वक्त में केवल टेनिस बॉल के साथ क्रिकेट खेला। अपने परिवार के संघर्ष के समय के दौरान स्पीडस्टर ने तमिलनाडु प्रीमियर लीग में जगह बनाई, जहां उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया और फिर धीरे-धीरे आईपीएल से लेकर इंडिया के लिए क्रिकेट खेल लिया।

आईपीएल ने खोले नटराजन के लिए टीम इंडिया के रास्ते !
क्रिकेट में एंट्री करने वाले नए खिलाड़ियों के लिए आईपीएल खेलना काफी जरूरी हो गया है। हर किसी का सपना आईपीएल खेलना होता है ताकि वह इससे अच्छा पैसा तो कमा ही सकें और वर्ल्ड क्लास लेवल पर अपने आपको प्रूफ कर सकें। नटराजन के किस्मत में ये मौका 2017 में आया। नटराजन को पहले किंग्स इलेवन पंजाब ने 2017 में तीन करोड़ रुपये में खरीदा था लेकिन वह अपने खेल से प्रभावित नहीं कर पाये थे। उन्हें 2018 में सनराइजर्स ने चुना था लेकिन 2020 में नटराजन को लगातार मौके मिलें और उन्होंने अपने प्रदर्शन से हर किसी को सही साबित किया। नटराजन ने साल 2020 आईपीएल में सबसे ज्यादा यार्कर गेंदें फेंकी जिसकी वजह से उन्हें टीम इंडिया के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नेट्स गेंदबाज के रूप में भेजा गया। लेकिन नटराजन को किस्मत की वजह से भारत के लिए डेब्यू करने का मौका मिल गया।


टीम इंडिया के लिए बड़े गेंदबाज बन सकेंगे नटराजन !
टी नटराजन के पास तेज गेंदबाजी में टैलेंट का भंडार है। वह ऐसे गेंदबाज है जो अपनी यार्कर गेंदों से बल्लेबाजों की परीक्षा लेते है। नटराजन जड़ में गेंद फेंकने में माहिर है और ऐसा गेंदबाज किसी भी बल्लेबाज के लिए बड़ी परेशानी बनता है। ऐसे में अब देखने वाली बात होगी कि आने वाले समय में वह कितनी मेहनत करते हैं इसके साथ ही उन्हें इंजरी से भी बचना होगा।

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