परम्परा-02 में जुटेंगी बड़ी-बड़ी हस्तियां: सितार वादक शुभेन्द्र राव, सारंगी वादक उस्ताद मुराद अली ख़ां, तबला वादक उस्ताद अकरम ख़ां, कथक नृत्यांगना संजुक्ता सिन्हा और पदमश्री डॉ. सोमा घोष सरीखे नामचीन फनकारों का चलेगा जादू, दो दिनी इस परम्परा महफिल का 19 दिसंबर को होगा आगाज़


तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी का ऑडिटोरियम भारतीय संगीत की चमक, दमक और खनक के लिए मुकम्मल तौर पर तैयार है। सुर, ताल और नृत्यकला की दो दिनी महफिल का आगाज़ 19 दिसंबर को दोपहर 02: 30 बजे होगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम- परम्परा का उद्देश्य यूनिवर्सिटी के हजारों-हजार छात्रों और शिक्षाविदों को भारतीय संस्कृति की जड़ों से जोड़ना है। संगीत की इस महफिल में सितार वादक शुभेन्द्र राव, सारंगी वादक उस्ताद मुराद अली ख़ां, तबला वादक उस्ताद अकरम ख़ां, कथक नृत्यांगना संजुक्ता सिन्हा और पदमश्री डॉ. सोमा घोष सरीखे नामचीन फनकार अपनी जोरदार मौजूदगी दर्ज कराएंगे। सुर, ताल और नृत्य कला का जादू बिखेरेंगे। यूनिवर्सिटी और ब्रीथिंग आटर््स की ओर से इस कल्चरल इवेंट के स्वप्नदृष्टा एवम् यूनिवर्सिटी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन का स्पष्ट मानना है, दुनिया की किसी भी यूनिवर्सिटी को स्मार्ट उसकी संस्कृति ही बनाती है। ऐसे में स्टुडेंट्स का अपनी जड़ों से अटूट रिश्ता बेहद अहम है। टीएमयू ज्ञान और परम्परा का एक उत्कृष्ट संगम है। उल्लेखनीय है, परम्परा-02 में ख़ास मेहमानों के संग-संग कुलाधिपति श्री सुरेश जैन, जीवीसी श्री मनीष जैन, वीसी प्रो. रघुवीर सिंह की गरिमामयी मौजूदगी रहेगी।

 

परम्परा-02 के फर्स्ट डे दोपहर 02ः30 बजे से सितार वादक श्री शुभेन्द्र राव अपनी धुनों से टीएमयू के ऑडी को चहकाएंगे। सारंगी वादक उस्ताद मुराद अली ख़ां महफिल को अपने रागों से रोशन करेंगे, जबकि तबले पर उस्ताद अकरम ख़ां की अंगुलियां थिरकेंगीं। रात 08ः30 से गुरू को ईश्वर के मानिंद मानने वाली कथक नृत्यांगना संजुक्ता सिन्हा अपनी मनमोहनी प्रस्तुति देंगीं। सिन्हा का मानना है, नृत्य शरीर, मन और आत्मा की यात्रा है। ब्रीथिंग आटर््स के फाउंडर श्री अनुराग चौहान के मुताबिक परम्परा के समापन मौके पर अंतिम दिन 20 दिसंबर को शाम 06ः30 बजे से पद्मश्री डॉ. सोमा घोष पार्श्व गायिका अपनी सुरीली आवाज से ऑडी में मौजूद सभी श्रोताओं का दिल जीत लेंगी। उल्लेखनीय है, अमृत महोत्सव वर्ष यानी आजादी की 75वीं एवम् टीएमयू ग्रुप की 21वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में तीन दिनी कल्चर फेस्ट- परम्परा-2022 का शंखनाद तेरह जुलाई को हुआ था।

 

इसमें संस्कृति एवम् विदेश राज्य मंत्री, भारत सरकार श्रीमती मीनाक्षी लेखी बतौर मुख्य अतिथि के संग-संग भारतीय शास्त्रीय नृत्य, भरतनाट्यम और ओडिसी नृत्य के लिए पदम विभूषण से सम्मानित राज्यसभा सांसद श्रीमती सोनल मानसिंह, मोहन वीणा- स्लाइड गिटार वादक ग्रैमी अवार्ड विजेता विश्व मोहन भट्ट, राजस्थानी और सूफी गायकी के लिए बॉलीवुड में अपना लोहा मनवाने वाले पदमश्री से सम्मानित श्री अनवर खान, कव्वाली गायन के लिए बॉलीवुड में निज़ामी बंधु के नाम से मशहूर उस्ताद चंद निजामी, शादाब फरीदी और सोहराब फरीदी निजामी आदि कलाकारों ने अपनी-अपनी कला का दमदार प्रदर्शन किया था।

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