पूर्णियां। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नामित दो सदस्यीय टीम में शामिल राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से मोहम्मद मसउद आलम एवं पूर्णिया प्रमंडल के क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक कैशर इकबाल द्वारा जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल नहीं होने के कारण अनुमंडलीय स्तर के अस्पताल को पहले से बेहतर बनाने के उद्देश्य से बनमनखी अस्पताल का चयन किया गया है। इसमें 24७7 की तर्ज पर 60 दिनों के अंदर मिशन मोड में कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। दो महीने की समय सीमा पूरा होने के साथ ही आधे से अधिक कार्य पूर्ण हो चुके है जबकि शेष बचे कार्य अंतिम चरण में हैं। इसको एक सप्ताह के अंदर पूर्ण कर विभाग को लिखित रूप में अवगत कराना है। अस्पताल में कार्यरत सभी तरह के अधिकारियों एवं कर्मियों को ड्रेस कोड एवं बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करने को लेकर अलग से गाइडलाइन जारी की गयी है। अनुमंडलीय अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद जिला मुख्यालय स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में सिविल सर्जन डॉ मोहम्मद साबिर सहित दर्जनों अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी तरह के कार्यों को लेकर समीक्षा की गई।

 

राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से नामित वरीय अधिकारी मोहम्मद मसउद आलम ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार पहले से बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य सेवाओं में सुदृढ़ीकरण के तहत एजेंडा तय किया गया है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों के साथ विन्दुवार विचार विमर्श करने के साथ ही एक सप्ताह के अंदर सभी तरह के कार्यो को पूरा करने का निर्देश दिया गया है। जिला अस्पताल के तर्ज पर अनुमंडलीय अस्पताल में चौबीसों घंटे आपातकालीन सेवा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से संबंधित सभी तरह की सेवाएं, सर्जरी, डायलिसिस, एंबुलेंस की उपलब्धता, डायग्नोजेस्टिक, एक्स-रे, सीटी स्कैन, आरटीपीसीआर जांच, ओपीडी का सुचारू रूप से संचालन सहित कई अन्य प्रकार की जांच से संबंधित सुविधाएं और चिकित्सीय परामर्श, नियत समय पर दवाइयों की उपलब्धता को लेकर विशेष रूप से ध्यान देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है।

 

क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक कैशर इकबाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार बनमनखी स्थित अनुमंडलीय अस्पताल में चल रहे रंग-रोगन और मरम्मत कार्यो का जायजा लिया गया है। विभाग द्वारा मिशन 60 के तहत 31 तरह के मापदंडों का निर्धारण किया गया था। जिसमें 14 कार्य पूर्ण रूप से पूरा कर लिया गया है। जबकि 14 अन्य कार्य प्रक्रियाधीन हैं। जिसको पूरा करने के लिए अंतिम रूप से मात्र एक सप्ताह का समय दिया गया है। शेष बचे 4 कार्यो की जिम्मेदारी बीएमएसआईसीएल की है। इसमें मुख्य रूप से अस्पताल परिसर के चारों तरफ चहारदीवारी निर्माण कार्य, पशु को रोकने के लिए कैंटर ट्रैप, शौचालय निर्माण से संबंधित अन्य कार्य एवं टंकी का निर्माण बचा हुआ है। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम ब्रजेश कुमार सिंह, जिला गुणवत्ता यकीन पदाधिकारी डॉ अनिल कुमार शर्मा, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रिंस कुमार सुमन, अस्पताल प्रबंधक अभिषेक आनंद, यूनिसेफ के शिव शेखर आनंद एवं नंदन कुमार झा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे।

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