पूर्णियां। पूर्णिया के रेणु उद्यान में आयेजि पुस्तक मेला का अयोजन किया गया है। पुस्तक मेला में विभिन्न पुस्तकों के अलावे कई अन्य प्रकार के स्टॉल भी लगाये गए हैं। जिसमें कई साहित्यकार और उपन्यासकार के दुर्लभ पुस्तकों को शामिल किया गया है। रेणु उद्यान पुस्तक मेला में अपनी ड्यूटी निभा रही बायसी ब्लॉक उत्क्रमित मध्य विद्यालय सुरीगाँव की प्रखंड शिक्षिका नीतू रानी पुस्तक मेला में शिरकत कर रहे लोगों से अपील कर रही है कि पुस्तक दान-एक महादान है। जरूरतमंद विद्यार्थियों की आप भी मदद कर सकते हैं।

 

ज्ञान के लिए शिक्षक के साथ पुस्तकों का भी महत्व होता है। कवयित्री शिक्षिका नीतू रानी कहती हैं कि ‘अभियान किताब-दान’ की अभी तक की यात्रा उम्मीद जगाने वाली रही है। हजारों लोगों के सहयोग से प्राप्त लाखों पुस्तकों ने पूर्णिया जिले में अरसे बाद किसी सामुदायिक हित के प्रश्न पर जनांदोलन की शक्ल अख्तियार की है। हमारे इस अभियान से प्रभावित होकर कई आॅनलाइन प्लेटफार्मों ने इन पुस्तकालयों में नि:शुल्क मेडिकल एवं लॉ जैसे विषयों से जुड़े पाठ्यक्रमों के लिए कोचिंग देने की इच्छा जाहिर की है। भविष्य के रोडमैप में हमने को-आॅपरेटिव प्रतियोगिता के माध्यम से और बेहतर बनाने और उपलब्धियों के लिए इंटर लाइब्रेरीज की गतिविधियों को शामिल किया है। साथ ही वर्चुअल मीडियम से भी इन लाइब्रेरीज को जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है।

उम्मीद है कि ‘अभियान किताब-दान’ से जुड़ कर लाभान्वित होने वाली पीढ़ी अपने लिए एक बेहतर कल, एक बेहतर समाज के निर्माण में योगदान दे पाएगी। इन पंक्तियों के साथ मेरा यह दृढ़ विश्वास है कि सतह पर स्थिर प्रतीत होने वाला किन्तु अंतस में क्रान्ति सरीखा प्रभाव लिए बदलाव का रास्ता किताबों से होकर ही गुजरता है।

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