• जिलाधिकारी ने परिवार नियोजन कार्यक्रमों को त्वरित एवं प्रभावी ढंग से लागू करने के दिए निर्देश
  • विकास मित्र व टोला सेवक से परिवार नियोजन कार्यक्रम में सहयोग लेने के लिए नामित प्रशिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण
  • आशा व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के बाद कोई भी कर सकते हैं उत्प्रेरक का कार्य
  • स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है

सहरसा। स्वास्थ्य विभाग, परिवार नियोजन कार्यक्रमों को त्वरित एवं प्रभावी ढंग से लागू करने तथा सतत अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण करने हेतु कटिबद्ध है। इसके लिए जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निदेशानुसार जिला स्वास्थ्य सीमित के द्वारा विकास मित्र व टोला सेवक को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस आदेश के आलोक में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा परिवार नियोजन कार्यक्रमों को त्वरित एवं प्रभावी ढंग से लागू करने तथा सतत अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण करने को भी कहा गया है।
यह हमारी पहली प्राथमिकता: जिला स्वास्थ्य समिति के जिला सामुदायिक उत्प्रेरक राहुल किशोर ने बताया जिलाधिकारी के उक्त निदेश के अनुपालन के क्रम में परिवार नियोजन कार्यक्रमों को त्वरित एवं प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। परिवार नियोजन कार्यक्रम त्वरित एवं प्रभावी ढंग से लागू हो यह सभी स्वास्थ्य पदाधिकारियों की पहली जिम्मेवारी बनती है।

विकास मित्र व टोला सेवक के नामित प्रशिक्षक को दिया गया प्रशिक्षण : जिला स्वास्थ्य समिति के जिला सामुदायिक उत्प्रेरक ने बताया कि जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से आज जिला स्वास्थ्य समिति के सभागार में विकास मित्र व टोला सेवक को परिवार नियोजन के लिए नामित प्रशिक्षक का प्रशिक्षण दिया गया। जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा नामित इन प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण में मातृ मृत्यु दर कम करने पर जोर दिया गया। जिला सामुदायिक उत्प्रेरक राहुल किशोर ने उपस्थित प्रशिक्षकों को बताया कि गर्भ रोकने के कई उपाय हैं जिनमें निरोध, माला एम, छाया, साप्ताहिक गर्भ निरोधक, अंतरा, त्रैमासिक गर्भ निरोधक इंजेक्शन एवं कॉपर टी, इत्यादि साधन शामिल हैं। यह साधन अस्पताल में नि:शुल्क उपलब्ध हैं। इनके प्रयोग से अनचाहे गर्भ को रोका जा सकता है।

 

उन्होंने कहा कि कई बार अनचाहे गर्भ का समापन गलत ढंग से कराया जाता है। झोलाछाप डॉक्टर या अट्रेंड कर्मचारी के द्वारा यह कार्य करने से मां की जान जोखिम में आ जाती है। इसलिए इस कार्य के लिए ट्रेंड कर्मचारियों से सेवाएं लेनी चाहिए। प्राइवेट में इसका खर्च ज्यादा आता है लेकिन अस्पताल में यह सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध होती हैं। उन्होंने कहा कि अस्थाई साधनों के घटते रुझान को बढ़ाने, सही वैज्ञानिक विधि एवं सफल उपयोग के बारे में बताया गया ताकि लाभुक को समुचित जानकारी मिल सके। साथ हीं कार्यक्रम में परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों को युवा दंपतियों के बीच प्रसारित करने, योग्य लाभुकों की काउंसिलिंग व वैयक्तिक संवाद स्थापित करने से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी।
आशा व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के बाद कोई भी कर सकते हैं उत्प्रेरक का कार्य : जिला सामुदायिक उत्प्रेरक राहुल किशोर ने कहा कि परिवार नियोजन कार्यक्रम में आशा व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग लिया जाता है। आशा कार्यकर्ता घर घर जाकर लोगों को परिवार नियोजन के विषय में जागरूक करेंगी, व इच्छुक लोगों को परिवार नियोजन हेतु प्रेरित करेंगी। इसके अलावा कोई भी उत्प्रेरक के रूप मे काम कर सकते हैं। इस के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है।

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