देवघऱ: बढ़ते साइबर अपराध एवं साइबर फ्रॉड से आम लोगों को बचाने एवं जागरूक करने के उद्देश्य से संत फ्रांसिस स्कूल देवघऱ में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी देवघऱ शाखा द्वारा साइबर अपराध पुलिस थाना के सहयोग से एकदिवसीय साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम एवं कॉमिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया यह कार्यक्रम कक्षावार दो अलग अलग समूह और सत्र में सम्पन्न हुआ। जिसमे विद्यालय के सैंकड़ों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और साइबर अपराध के बारे में जानकारी प्राप्त किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में देवघऱ के साइबर थाना के आरक्षी उपाधीक्षक श्री सुमित प्रसाद की गरिमामय उपस्थिति रही। सभी आगंतुकों का स्वागत विद्यालय के बारहवीं कक्षा की छात्रा श्रेयशी झा ने किया। सर्वप्रथाम कार्यक्रम की सुरुवात संत फ्रांसिस स्कूल के प्राचार्य फादर अब्राहम कोल द्वारा साइबर थाना के आरक्षी उपाधीक्षक श्री सुमित प्रसाद , इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी देवघऱ शाखा के चेयरमैन श्री जितेश राजपाल, वाईस चेयरमैन श्री पीयूष जायसवाल, सचिव श्री निरंजन कुमार सिंह का पुष्पगुच्छ देकर अभिवादन एवं स्वागत किया गया ! मौके पर सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए संत फ्रांसिस स्कूल के प्राचार्य फादर अब्राहम कोल ने कहा कि जिस गति से तकनीक ने उन्नति की है। उसी गति से मनुष्य की इंटरनेट पर निर्भरता भी बढ़ी है। एक ही जगह पर बैठकर, इंटरनेट के जरिये मनुष्य की पहुँच, विश्व के हर कोने तक आसान हुई है। आज के समय में हर वो चीज़ जिसके विषय में इंसान सोच सकता है, उस तक उसकी पहुँच इंटरनेट के माध्यम से हो सकती है, जैसे कि सोशल नेटवर्किंग, ऑनलाइन शॉपिंग, डेटा स्टोर करना, गेमिंग, ऑनलाइन स्टडी, ऑनलाइन जॉब इत्यादि। आज के समय में इंटरनेट का उपयोग लगभग हर क्षेत्र में किया जाता है। इंटरनेट के विकास और इसके संबंधित लाभों के साथ साइबर अपराधों की अवधारणा भी विकसित हुई है और हमारे द्वारा किया गया एक छोटा सा भी गलती हमारे लिए घातक साबित हो रहा है, एक गलत क्लीक मात्र से आप साइबर अपराध के शिकार हो सकते हैं अतः इंटरनेट , सोशल मीडिया या किसी भी ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करते वक्त सावधानी अवश्य बरतें।

मौके पर देवघऱ के साइबर थाना के आरक्षी उपाधीक्षक श्री सुमित प्रसाद ने बताया कि जिस गति से तकनीक ने उन्नति की है, उसी गति से मनुष्य की इंटरनेट पर निर्भरता भी बढ़ी है। एक ही जगह पर बैठकर, इंटरनेट के जरिये मनुष्य की पहुँच, विश्व के हर कोने तक आसान हुई है। आज के समय में हर वो चीज़ जिसके विषय में इंसान सोच सकता है, उस तक उसकी पहुँच इंटरनेट के माध्यम से हो सकती है, जैसे कि सोशल नेटवर्किंग, ऑनलाइन शॉपिंग, डेटा स्टोर करना, गेमिंग, ऑनलाइन स्टडी, ऑनलाइन जॉब इत्यादि। आज के समय में इंटरनेट का उपयोग लगभग हर क्षेत्र में किया जाता है। इंटरनेट के विकास और इसके संबंधित लाभों के साथ साइबर अपराधों की अवधारणा भी विकसित हुई है। साइबर अपराध विभिन्न रूपों में किए जाते हैं। कुछ साल पहले, इंटरनेट के माध्यम से होने वाले अपराधों के बारे में जागरूकता का अभाव था। साइबर अपराधों के मामलों में भारत भी उन देशों से पीछे नहीं है, जहां साइबर अपराधों की घटनाओं की दर भी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। साइबर अपराध के मामलों में एक साइबर क्रिमिनल, किसी उपकरण का उपयोग, उपयोगकर्ता की व्यक्तिगत जानकारी, गोपनीय व्यावसायिक जानकारी, सरकारी जानकारी या किसी डिवाइस को अक्षम करने के लिए कर सकता है। उपरोक्त सूचनाओं को ऑनलाइन बेचना या खरीदना भी एक साइबर अपराध है.,इसमें कोई संशय नहीं है कि साइबर अपराध एक आपराधिक गतिविधि है, जिसे कंप्यूटर और इंटरनेट के उपयोग द्वारा अंजाम दिया जाता है। साइबर अपराध, जिसे ‘इलेक्ट्रॉनिक अपराध’ के रूप में भी जाना जाता है, एक ऐसा अपराध है जिसमें किसी भी अपराध को करने के लिए, कंप्यूटर, नेटवर्क डिवाइस या नेटवर्क का उपयोग, एक वस्तु या उपकरण के रूप में किया जाता है. जहाँ इनके (कंप्यूटर, नेटवर्क डिवाइस या नेटवर्क) जरिये ऐसे अपराधों को अंजाम दिया जाता है वहीँ इन्हें लक्ष्य बनाते हुए इनके विरुद्ध अपराध भी किया जाता है।

ऐसे अपराध में साइबर जबरन वसूली, पहचान की चोरी, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, कंप्यूटर से व्यक्तिगत डेटा हैक करना, फ़िशिंग, अवैध डाउनलोडिंग, साइबर स्टॉकिंग, वायरस प्रसार, सहित कई प्रकार की गतिविधियाँ शामिल हैं। गौरतलब है कि सॉफ्टवेयर चोरी भी साइबर अपराध का ही एक रूप है, जिसमें यह जरूरी नहीं है कि साइबर अपराधी, ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही अपराध करे। कॉमिक प्रतियोगिता में सभी विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक जागरूकता कॉमिक बनाए और कुल दो वर्गों में क्रमशः प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों के नाम हैं सीनियर वर्ग शाम्भवी कश्यप, श्रावणी झा, सलोनी शिपरा हैं एवं जूनियर वर्ग में शिवांश सिंह, सुकृति गोराई, वैष्णवी श्री हैं एवं दो विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया जिनके नाम क्रमशः प्रिज्योति सिंघल एवं यश अगग्रवाल हैं। मौके पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी देवघर शाखा के चेयरमैन श्री जितेश राजपाल ने कहा कि यह सच है कि अधिकांश इंटरनेट उपयोगकर्ता इस तथ्य पर ध्यान नहीं देते हैं कि उनकी जानकारी को हैक किया जा सकता है और ऐसे लोग शायद ही कभी अपने पासवर्ड को बदलते/दस्तावेज की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। वे सतर्क होकर इन्टरनेट का उपयोग करने के विषय में जागरूकता नहीं रखते हैं और अपनी जानकारी पर साइबर हमले को लेकर सचेत नहीं रहते हैं और इसी के चलते तमाम लोग, अनजाने में साइबर अपराध की चपेट में आ जाते हैं। हमे अपने आप को और दूसरों को इसके निवारक उपायों को लेकर शिक्षित करना चाहिए, ताकि हम और आप एक व्यक्ति या व्यवसाय के रूप में खुद के बचाव के लिए सतर्कता बरत सकें। ज्ञात हो कार्यक्रम में मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन करते हुए इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी देवघऱ शाखा के वाईस चेयरमैन श्री पीयूष जायसवाल ने कहा कि आये दिन इंटरनेट पर कई लोगो के निजी डेटा चोरी हो जाते है।

 

कुछ लोगो के इंटरनेट के द्वारा बैंक संबंधित जानकारी चोरी हो जाती है, जिसकी वजह से लोगो को काफी नुकसान होता है ऐसे हालात से बचने हेतु हमेशा एक सुरक्षित इंटरनेट का उपयोग करें और ऑनलाइन पोर्टल पर क्लिक करने से पहले उसके पूरे विवरण इको पर हैं तभी आप साइबर अपराधियों के चंगुल से बच सकते हैं। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी देवघऱ शाखा के सचिव श्री निरंजन कुमार सिंह ने कहा कि साइबर अपराध बेहद निंदनीय है। लोगो में जागरूकता फैलाना ज़रूरी है कि वह इंटरनेट का इस्तेमाल जानकारी प्राप्त करने और अच्छे कार्यो के लिए करे। उन्हें इंटरनेट का उपयोग किसी को भी नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं करना चाहिए। ऐसे कई तरीके है जिनका इस्तेमाल करके हम इंटरनेट पर गोपनीयता को बनाये रख सकते है। इंटरनेट का उपयोग सिर्फ ज्ञान विकसित करने के लिए करना चाहिए नाकि गलत चीज़ों के लिए। मौके पर मुख्य रूप से उपरोक्त के अलावे इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी देवघऱ शाखा के कोषाध्यक्ष श्री राजकुमार बर्णवाल, कार्यकारिणी सदस्य मयंक राय,देवनंदन झा, अभिषेक नेवर, अर्चना भगत,रीता चौरसिया की उपस्थिति रही ! आज के कार्यक्रम को सफल बनाने में संत फ्रांसिस स्कूल के शिक्षक नंदलाल सर, श्याजु सर, जैकब सर, सुप्रतिम सर, तपन सर, चांदनी मैम, जॉर्ज सर, रंजीत सर, सुष्मिता मैम सहित अन्य की सक्रिय भूमिका रही।

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