संवाददाता
चंदवा/राहुल कुमार। चंदवा सहित पूरे झारखंड व कई राज्यो में आस्था के प्रतीक प्रसिद्ध मां उग्रतारा नगर में 16 दिवसीय शारदीय दशहरा पूजा को लेकर भक्ति का वातावरण देखने को मिल रहा है। बीते 19 सितंबर अश्विन कृष्ण पक्ष नवमी को प्रथम कलश (अष्टभुजी) के स्थापना स्थापना के साथ ही मंदिर पहुंचने वाले भक्तों की तादात काफी बढ़ गयी है।

 

मंदिर के सेवायत मुंतजिमकार पंडित गोविंद वल्लभ मिश्र ने बताया कि यह मंदिर झारखंड ही नही बल्कि कई राज्यो में आस्था का प्रतीक है, मान्यता है कि यहां भक्त जो भी श्रद्धा से मांगते है उसे माँ नगर भगवती उसे पूरा करती है। राज्य एक पहला मंदिर है। जहां वर्ष में 2 बार अश्विन व चैत्र में16 दिनों का दशहरा पूजा होती है। यहां सदियों पुराने पोथी के आधार पर ही विधि विधान के साथ पूजन क्रय होती है।

 

इन्होंने बताया कि भक्त अपनी मनोकामना को लेकर मां के मंदिर में फूल चढ़ाते है, फूल गिरने पर मनोकामना पूर्ण होने के संकेत के रूप में देखा जाता है। उन्होंने ने बताया कि ऐसे तो वर्ष भर देश के विभिन्न हिस्सों से मां के भक्त आते हैं लेकिन शारदीय नवरात्र व त्योहारों में आस्था का जन सैलाब मंदिर में उमड़ता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.