• वाहन चलाते समय शराब का सेवन करते पाए जाने अथवा नशे की हालात में गाड़ी चलाने पर वाहन चालक को जेल और भारी जुर्माना भी देना पड़ सकता है।
  • नाबालिग द्वारा किए गए अपराध पर अभिभावक या वाहन मालिक को दोषी भी माना जा सकता है।

पटना। जश्न मनाने, आपके बच्चों द्वारा गाड़ी चलाने की शौक तथा आप खुद कार्य करने से बचें रहने के कारण कहीं आप ट्रैफिक नियमों और परिवहन विभाग के नियमों को दरकिनार तो नहीं कर रहे हैं ?
इस प्रकार आपके कारण, आपके बच्चे के द्वारा या आपके नाबालिग बच्चों से गाड़ी चलवाकर कोई कार्य करवाना आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। इसके साथ ही  आपके लिए कतई फायदेमंद साबित भी नहीं हो सकती।
इसलिए ऐसे तमाम अभिभावक तथा उन छोटे बच्चों को सावधान करने हेतु यह खबर प्रसारित किया जा रहा जो जागरुकता हेतु आवश्यक है।

गौर करें : ऐसे वाहन चालक जो बिना लाईसेंस, हेलमेट, कागजात आदि के कोई भी गाड़ी फर्राटे से चला रहे हैं तो वो कानूनन ग़लत कार्य कर रहे हैं। ऐसे लोग / चालक और बच्चे सावधान हो जाएं। इस तरह परिवहन विभाग के नियमों को नजरअंदाज कर गाड़ी चलाना तथा आपका नाबालिग बच्चों द्वारा गाड़ी चलवाना आपके लिए तथा बच्चों के लिए भी भारी पड़ सकता है। हम सभी जानते हैं कि परिवहन विभाग तथा ट्रैफिक नियमों का उल्लघंन करने पर हमें  चालान भुगतने के साथ-साथ जेल भी जाना पड़ सकता है।
हमें गौर करने की आवश्यकता है कि आपके बच्चों को किसी दूसरे व्यक्तियों के द्वारा गाड़ी चलाने के लालच में गलत रास्ते पर धकेला जा सकता है और परोक्ष रूप से गैरकानूनी कार्य भी करवाया जा सकता है। जो बच्चे के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाना होगा और आपके साथ अन्याय भी।


लग सकती है अभिभावक / गाड़ी मालिक के जेब पर लंबी चपत, हो सकती है जेल भी :

वाहन चलाते समय नशा करना और नशे की हालात में गाड़ी चलाना भी गंभीर अपराध है। यदि जश्न में आपने ड्रिंक करने अथवा नशा करने के बाद वाहन चलाया तो आपको काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। ट्रैफिक नियमों के मुताबिक गाड़ी चलाते समय शराब का सेवन तथा नशा कर गाड़ी चलाना गंभीर अपराध है। यदि पुलिस ने इस स्थिति में आपको पकड़ा तो आपको जेल और भारी जुर्माना देना पड़ सकता है। मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicle Act)  के अनुसार वाहन चालक को जेल और भारी जुर्माना भी हो सकता है।


नाबालिग के खिलाफ चलता है किशोर न्यायालय में मामला :

नाबालिग बच्चा भी यदि कोई गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाता है तो प्रशासन के कानूनी डंडे से नहीं बच सकते। ट्रैफिक रूल्स के मुताबिक नाबालिग द्वारा किए गए अपराध पर बच्चे के अभिभावक अथवा जिसके नाम पर वाहन होगा वह दोषी माना जा सकता है। अपराध की प्रवृत्ति के हिसाब से दोषी को कैद और जुर्माना भरना भी पड़ सकता है। प्राप्त जानकारी से नाबालिग पर जुबेनाइल कानून के तहत अलग से मुकदमा भी चलााया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित वाहन का रजिस्ट्रेशन निरस्त भी किया जा सकता है। ऐसे में अपने बच्चे तथा किसी दूसरे बच्चे को भी किसी भी तरह का  वाहन चलाने के लिए ना दें। वैध लायसेंस मिलने के बाद ही बच्चों को वाहन चलाने की परमिशन दें। इससे आप भी सुरक्षित रहेंगे और बच्चों को भविष्य में मुश्किल में पड़ने से बचा सकेगें।

नाबालिग बच्चे कोई भी गाड़ी चलाने से बचें : अभिभावक के साथ-साथ बच्चों को भी  सावधान रहने की जरुरत है। क्योंकि आपके  अध्ययन के समय प्रशासन की कार्रवाई  तथा कानूनी पचड़े में पड़ने से आपका  (बच्चे का) भविष्य खराब हो सकता है। आपका पढ़ाई बाधित तो होगा ही इसके साथ ही आपके कैरेक्टर (चरित्र) पर भी दाग लग सकता है जो भविष्य के लिए काफी नुकसानदेह हो सकता है।

आए दिन सड़कों पर नाबालिग बच्चे (अप्रशिक्षित चालक) के द्वारा एक बाइक पर 3-4 लोगों ,बच्चों अथवा साथियों को बैठाकर फर्राटे के साथ विद्यालय, बाजार, चौक, ट्यूशन अथवा नजदीक के शहर की ओर बाइक को चलाते हुए देखे जा सकते हैं। ऐसी स्थिति में दुर्घटना (एक्सीडेंट) होना लाजमी है। जिसे प्रशासन को रोकने की आवश्यकता है।

ट्रैफिक एवं परिवहन विभाग के नियमों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस एवं परिवहन विभाग के द्वारा सख्ती बरते जाना भी इस मायने जरुरी है। प्रशासन द्वारा हर क्षेत्र में नाबालिग बच्चों को गाड़ी चलाने पर रोक लगाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाना जरुरी ही नहीं अतिमहत्त्वपूर्ण भी है।

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