देवघर। छात्र चेतना संगठन के जिला प्रमुख सुमन यादव ने घटना की निंदा करते हुए मामले की लिखित शिकायत जिला शिक्षा अधीक्षक को दी। सुमन यादव ने कहा कि एक तरफ सरकार के तरफ से ड्राप आउट बच्चों को शिक्षा देनें के लिए तरह तरह का स्कीम और प्लान बनाया है। वहीं एक एसा विद्यालय है जो पढ़ने आने वाले बच्चों को बिना उनसे उनकी समस्या पूछे स्कूल से भगा दिया जाता है। यह कैसी व्यवस्था है? क्या ग्रामीण परिवेश के गरीब बच्चों को शिक्षा का अधिकार नहीं? नियम कानून सिर्फ कमजोर तबके के लोगों के लिए है? यह ठीक नहीं व्यवस्था बदलने की जरूरत है साथ ही उक्त शिक्षक पर कार्यवाई होनी चाहिए।

कन्या विद्यालय सारवां के शिक्षकों द्वारा छात्रों को जबरन हाथ पकड़कर स्कूल से बाहर निकाल देने के संबंध में सुमन यादव कहना है कि चौथी क्लास की छात्रा तनु कुमारी व राधिका कुमारी परिवार की स्थिति के कारण कोरोना के कारण विगत दिनों से विद्यालय नहीं जा पाई थी। जब कल दिनांक 23/09/2022 को विद्यालय पहुंची तो प्रधानाध्यापक हरेराम सिंह और शिक्षिका द्वारा हाथ पकड़ कर दोनों छात्राओं को जबरन स्कूल से बाहर निकाल दिया। जो कि अति ही घोर निंदनीय कार्य है निश्चित रूप से अगर बच्चे पढ़ने जाते हैं। उनके साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। उनके अभिभावक को बुलाकर समझाया जा सकता है।

प्रधानाध्यापक हरेराम सिंह का पूर्व में भी इस प्रकार का रवैया रहे हैं। जिला प्रमुख सुमन यादव ने जिला शिक्षा अधीक्षक से लिखित आवेदन देकर कहा कि बच्चों को पुन: स्कूल में पढ़ने दिया जाए और प्रधानाध्यापक हरेराम सिंह का स्थानांतरण किया जाए।

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