टाटा स्टील के निदेशक मंडल ने टाटा समूह की सात धातु कंपनियों के विलय की योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। टाटा स्टील ने यह जानकारी शुक्रवार को शेयर बाजार में दी गयी। टाटा समूह की ये धातु कंपनियां हैं- टाटा स्टील लॉन्गप्रोडक्ट्स लिमिटेड (टीएलएलपी), द टिनप्लेट कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल), टाटा मेटालिक्स लिमिटेड (टीएमएल), टीआरएफ लिमिटेड, द इंडियन स्टील एंड वायर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (आईएसडब्ल्यूपी), टाटा स्टील माइनिग लिमिटेड (टीएसएमएल) और एस एंड टी माइनिग कंपनी लिमिटेड (एसएंडटी माइनिग)।

कंपनी के अनुसार, इस विलय का उद्देश्य समूह की कंपनियों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना, एक दूसरे से सीख, एक-दूसरे की सुविधाओं का उपयोग करना और दूसरों के बीच विपणन तथा वितरण नेटवर्क के लिए सहयोग करना है। टाटा स्टील ने कहा,'हर योजना की समीक्षा और सुझाव कंपनी के स्वतंत्र निदेशकों की समिति और कंपनी की ऑडिट समिति ने दी है।''

कंपनी ने कहा कि प्रत्येक योजना संबंधित स्थानांतरण कंपनियों और स्थानांतरित कंपनी, सक्षम प्राधिकारी, बाजार नियामक सेबी, स्टॉक एक्सचेंज और अन्य प्राधिकरणों के अपेक्षित बहुमत के शेयरधारकों से अनुमोदन प्राप्त करने के अधीन है जैसा कि लागू कानूनों के अनुसार हो सकता है। टाटा स्टील ने कहा,'सेबी के परिपत्रों के साथ पठित लिस्टिग विनियमों के विनियमन 37 के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक योजना संबंधित दस्तावेजों या प्रमाणपत्र शेयर बाजारों या जहां भी हो प्रस्तुत किए जाएंगे।''

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