Squash: बîमघम में एकल का मिथक तोड़ने उतरेगा भारत

0
8
Squash: बîमघम में एकल का मिथक तोड़ने उतरेगा भारत


बîमघम | सभी वर्गों में पदक जीतने के लक्ष्य के साथ भारतीय स्क्वाश टीम राष्ट्रमंडल खेलों के लिये बîमघम पहुंच गई है जिसमें सौरभ घोषाल और जोशना चिनप्पा एकल में पदक जीतने का मिथक तोड़ने के लिए अपना आखिरी प्रयास करेंगे। दीपिका पल्लीकल, जोशना और सौरभ की तिकड़ी पिछले 15 वर्षों से भारतीय स्क्वाश टीम का जिम्मा अपने कंधों पर उठाए हुए हैं। इन तीनों ने इस बार खेलों के लिए कड़ी मेहनत की है क्योंकि यह उनके आखिरी राष्ट्रमंडल खेल भी हो सकते हैं।

स्क्वाश को राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार 1998 में शामिल किया गया था और तब से लेकर अभी तक भारत केवल तीन पदक जीत पाया है। इनमें आठ साल पहले ग्लास्गो में जोशना और दीपिका द्बारा जीता गया ऐतिहासिक स्वर्ण पदक भी शामिल है। वे फिर से खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में ब्रिटिश धरती पर पहुंच गए हैं। उन्होंने इस साल के शुरू में विश्व खिताब भी जीता था।
अब जुड़वा बच्चों की मां दीपिका ने घोषाल के साथ मिलकर अप्रैल में विश्व युगल चैंपियनशिप में मिश्रित युगल का खिताब जीतकर शानदार वापसी की है।

मिस्र को छोड़कर स्क्वाश खेलने वाली चोटी की सभी टीमें राष्ट्रमंडल खेलों का हिस्सा है। भारत अभी तक एकल में पदक नहीं जीत पाया है लेकिन जोशना और घोषाल इस बार कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। दीपिका ने वापसी के बाद अभी एकल में खेलना शुरू नहीं किया है।घोषाल से जब पूछा गया कि क्या भारत के पास 2022 में एकल में पदक जीतने का सर्वश्रेष्ठ मौका रहेगा उन्होंने कहा, ''ऐसी उम्मीद है। 20साल पहले जब हमने खेलना शुरू किया था तब से हमने काफी प्रगति की है। हमने खिलाड़ियों के रूप में भी अच्छी प्रगति की है। राष्ट्रमंडल खेलों में चुनौती कड़ी होती है। यहां पदक जीतना आसान नहीं होता है।

घोषाल को पिछली बार राष्ट्रमंडल खेलों में तीसरी वरीयता दी गई थी लेकिन वह शुरू में ही बाहर हो गए थे। वह इस बारे में सोच कर अपने पर अतिरिक्त दबाव नहीं बनाना चाहते हैं।उन्होंने कहा, ''मैं ड्रा के बारे में नहीं सोच रहा हूं पिछली बार मैंने ऐसी गलती की थी। मैं एक बार में एक मैच पर ध्यान देना चाहता हूं।भारत ने बîमघम रवाना होने से पहले चेन्नई में विश्व के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी ग्रेगरी गॉल्टियर की देखरेख में अभ्यास किया था।भारतीय महिला टीम में 14 वर्षीय अनहत सिह भी शामिल है। उनके प्रदर्शन पर सभी की निगाहें रहेंगी। पिछले महीने एशियाई जूनियर स्क्वाश चैंपियनशिप में उन्होंने लड़कियों के अंडर-15 वर्ग में खिताब जीता था। अनहत अभी तक 46 राष्ट्रीय सर्किट और दो राष्ट्रीय खिताब जीत चुकी है। उनके नाम पर अभी तक आठ अंतरराष्ट्रीय खिताब दर्ज हैं।उनके अलावा सुनयना कुरुविला, अभय सिह और वी सेंथिलकुमार भी पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेंगे।

भारतीय टीम इस प्रकार है:
पुरुष एकल: सौरव घोषाल, रामित टंडन, अभय सिह
महिला एकल: जोशना चिनप्पा, सुनयना कुरुविला, अनहत सिह
महिला युगल: दीपिका पल्लीकल / जोशना चिनप्पा
मिश्रित युगल: सौरव घोषाल / दीपिका पल्लीकल, रामित टंडन / जोशना चिनप्पा
पुरुष युगल: रामित टंडन हरिदर पाल सिह संधू, वेलावन सेंथिलकुमार / अभय सिह।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here