नयी दिल्ली | पेटीएम संस्थापक विजय शेखर शर्मा और ओयो के संस्थापक रितेश अग्रवाल समेत आठ घरेलू प्रौद्योगिकी आधारित कंपनियों के पदाधिकारी बृहस्पतिवार को संसद की एक महत्वपूर्ण समिति के समक्ष पेश होंगे और प्रतिस्पर्धा-रोधी कामकाज को लेकर बढ़ती चिताओं के बीच प्रौद्योगिकी आधारित कंपनियों के बाजार पर अपनी बात रखेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति बाजार में, विशेष रूप से प्रौद्योगिकी कंपनियों के संबंध में प्रतिस्पर्धा के अनेक पहलुओं पर विचार-विमर्श कर रही है।

सिन्हा ने 'पीटीआई-भाषा से कहा कि समिति ने अनेक प्रौद्योगिकी आधारित प्लेटफॉर्म, ई-कॉमसã और गेमिग कंपनियों के प्रतिनिधियों से जल्द उसके समक्ष पेश होने के लिए कहा है और उनसे मुख्य रूप से उनके बाजार के बारे में बातचीत की जाएगी।
सिन्हा के अनुसार खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाली स्विगी और जोमेटो जैसी कंपनियों, ई-कॉमसã कंपनी फ्लिपकार्ट, कैब सेवा उपलब्ध कराने वाली ओला, ठहरने के लिए कमरे उपलब्ध कराने वाली ओयो, डिजिटल वित्तीय कंपनी पेटीएम और मेकमाई ट्रिप के साथ ही ऑल इंडिया गेमिग एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को समिति ने बुलाया है।

लोकसभा की वेबसाइट पर जारी नोटिस के अनुसार समिति 'बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों की प्रतिस्पर्धा रोधी कार्यशैली के विषय पर संघों, उद्योग क्षेत्र के हितधारकों के विचार सुनने के लिए 21 जुलाई को बैठक करेगी।सूत्रों के अनुसार बैठक में भाग लेने के लिए शर्मा, अग्रवाल के साथ ही ओला के अरुण कुमार, मेकमाई ट्रिप से दीप कालरा और जोमेटो के दीपिदर गोयल ने पुष्टि कर दी है।
उन्होंने कहा कि स्विगी की उपाध्यक्ष अवंतिका बजाज, फ्लिपकार्ट के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति और ऑल इंडिया गेमिग फ़ेडरेशन के सीईओ रोलैंड लैंडर्स भी बैठक में भाग ले सकते हैं।

पिछले कुछ समय में विभिन्न प्रौद्योगिकी आधारित कंपनियों और मंचों के कथित प्रतिस्पर्धा रोधी तरीकों के बारे में शिकायतें प्राप्त हुई हैं।भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) पहले ही ऐसे अनेक मामलों की जांच कर रहा है। सीसीआई ने गत 28 अप्रैल को इस संबंध में संसदीय समिति के समक्ष प्रस्तुतिकरण दिया था।

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