नई दिल्ली : सरकार ने विभिन्न देशों के साथ न्यायिक क्षेत्र में सहयोग बढाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए मालदीव के साथ न्यायिक सहयोग समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर की मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भारत और मालदीव के न्यायिक सेवा आयोगों के बीच न्यायिक सहयोग समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर से संबंधित प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

न्यायिक क्षेत्र में सहयोग पर भारत और अन्य देशों के बीच यह आठवां समझौता है। यह समझौता न्यायालयों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया में सूचना प्रौद्योगिकी की सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए एक उपयुक्त मंच प्रदान करेगा और दोनों देशों की सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों एवं स्टार्ट-अप के लिए विकास का संभावित क्षेत्र साबित हो सकता है। हाल के वर्षों में भारत और मालदीव के बीच संबंधों में प्रगाढता आयी है। यह समझौता न सिर्फ दोनों देशों के बीच न्यायिक एवं अन्य कानूनी क्षेत्रों में ज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान को संभव बनाएगा बल्कि ”पड़ोसी पहले’’ की नीति के उद्देश्यों को भी आगे बढ़ाएगा। 

 



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