कोलंबो : श्रीलंका में तैनात भारत सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी बेवजह किए गए हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। भारतीय उच्चायोग ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उच्चायोग ने भारतीय नागरिकों से श्रीलंका में नवीनतम घटनाओं से अवगत रहने और उसके हिसाब से आवाजाही करने और अन्य गतिविधियों की योजनाएं बनाने के लिए कहा है।

श्रीलंका में अभूतपूर्व आर्थिक संकट के कारण राजनीतिक उथल-पुथल के बाद श्रीलंका में अशांति की स्थिति है। कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिघे ने नया राष्ट्रपति चुनने के लिए बुधवार को होने वाले महत्वपूर्ण चुनाव से पहले सोमवार को आपातकाल लगा दिया। भारतीय उच्चायोग ने एक ट्वीट में कहा कि भारत और श्रीलंका के लोगों के बीच संबंध हमेशा सौहार्दपूणã और मैत्रीपूर्ण रहे हैं। उच्चायोग ने ट्वीट में कहा, ''मौजूदा स्थिति में, श्रीलंका में भारतीय नागरिकों से अनुरोध है कि वे नवीनतम घटनाओं के बारे में जागरूक रहें और हालात के हिसाब से आवाजाही और अन्य गतिविधियों की योजना बनाएं। आवश्यकता पड़ने पर आप हमसे संपर्क कर सकते हैं।

उच्चायोग ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि उसके अधिकारियों ने सुबह ''भारतीय नागरिक और भारतीय वीजा केंद्र के निदेशक विवेक वर्मा से मुलाकात की जो सोमवार रात कोलंबो के पास बेवजह किए गए हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। यह मामला श्रीलंकाई अधिकारियों के ध्यान में लाया गया है। गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफ़े के बाद विक्रमसिघे ने शुक्रवार को कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। राजपक्षे (73) श्रीलंका छोड़कर पिछले बुधवार को मालदीव गए और फिर बृहस्पतिवार को सिगापुर पहुंचे। उन्होंने शुक्रवार को इस्तीफा दिया था। चुनाव लड़ रहे विक्रमसिघे ने आपातकाल लगाने का बचाव करते हुए कहा कि यह श्रीलंका में लोक सुरक्षा, लोक व्यवस्था और आपूर्ति तथा सेवाएं बहाल रखने के लिए है। उन्होंने सुरक्षा बलों से बुधवार को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले सरकार विरोधी हिसक प्रदर्शनों की अनुमति नहीं देने को कहा है।

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