नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के संविधान में संशोधन की अनुमति देने का अनुरोध करने वाली उसकी याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगा। यह संशोधन बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह के कार्यकाल से संबंधित है।

भारत के प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ को बीसीसीआई की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता पी एस पटवालिया ने बताया कि उनकी अर्जी दो साल पहले दायर की गई थी और न्यायालय ने विषय की सुनवाई दो सप्ताह बाद करने के लिए निर्देश जारी किया था।

पटवालिया ने कहा, “लेकिन फिर कोविड-19 महामारी शुरू हो गई और मामला सूचीबद्ध नहीं हो सका। कृपया इस मामले को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करें क्योंकि (बीसीसीआई के) संविधान में संशोधन दो साल से लंबित है।” पटवालिया ने कहा कि शीर्ष न्यायालय के पिछले आदेश के मुताबिक अदालत से पूर्व अनुमति लेने के बाद ही इसके संविधान में संशोधन किया जा सकता है। पीठ ने कहा कि मामले को अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। पूर्व में, न्यायमूर्ति आर एम लोढ़ा नीत समिति ने बीसीसीआई में सुधारों का सुझाव दिया था जिसे शीर्ष न्यायालय ने स्वीकार कर लिया था।

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