भोपाल | विपक्षी दलों के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी एवं पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत गिरने के मामले में आज चिता जाहिर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या फिर केंद्र सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए।

राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनजर यहां कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक के बाद श्री सिन्हा ने पत्रकार वार्ता में सवालों के जवाब के दौरान यह बात कही। इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी मौजूद थे। श्री सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2014 में जब श्री मोदी प्रधानमंत्री बने, तब डॉलर की कीमत 58 44 रुपए थे, जो आज बढकर 79  86 रुपए हो गयी है। उन्होंने कहा कि भारतीय मुद्रा की कीमत इससे ज्यादा कभी नहीं गिरी। इसके बावजूद सरकार इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रही है।

कभी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में अहम पदों पर आसीन रह चुके श्री सिन्हा ने कहा कि जब श्री मनमोहन सिह प्रधानमंत्री थे, तब डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत कम होने पर श्री मोदी स्वयं सवाल पूछते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री से जवाब की अपेक्षा रखते थे। ऐसी स्थिति में श्री मोदी को या उनकी सरकार को देश की जनता को जवाब देना चाहिए। श्रीलंका में आर्थिक बदहाली के चलते वहां उपजे मौजूदा हालातों की भारतीय अर्थव्यवस्था के कारण यहां के हालातों से तुलना करने संबंधी सवालों के जवाब में श्री सिन्हा ने कहा कि भारत के हालात श्रीलंका जैसे नहीं होंगे। श्रीलंका की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन पर आधारित है और वहां कोविड के चलते काफी विपरीत प्रभाव पड़ा। वहीं भारत में अर्थव्यवस्था कुछ उद्योगों पर आधारित नहीं है।

श्री सिन्हा ने अर्थव्यवस्था के परिप्रेक्ष्य में मध्यप्रदेश के भी आंकड़े दिए और कहा कि यहां भी कर्ज लगातार बढता जा रहा है। मार्च 2022 की स्थिति में राज्य पर कर्ज 18 लाख करोड़ रुपए के आसपास था, जो मार्च 2023 में 3 25 लाख करोड़ हो जाने की आशंका है। उन्होंने कहा कि राज्य के लिए यह स्थिति ठीक नहीं है और केंद्र सरकार भी इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रही है।राष्ट्रपति चुनाव में सत्तारुढ दल भाजपा की ओर से आदिवासी चेहरा श्रीमती द्रोपदी मुर्मू को प्रत्याशी बनाए जाने के संबंध में उन्होंने कहा कि श्रीमती मुर्मू को राष्ट्रपति की बजाए प्रधानमंत्री बनाया जाना चाहिए। तभी श्रीमती मुर्मू को कार्य करने का अवसर मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि वे यदि राष्ट्रपति का चुनाव जीत गए, तो वित्त संबंधी गलत निर्णयों पर रोक लगाने के लिए कार्य करेंगे और यदि चुनाव नहीं जीत पाए तो देश में”लोकशाही’’को बचाने के लिए वे संघर्ष करेंगे और इसके लिए सड़कों पर भी उतरने से नहीं कतराएंगे।

मध्यप्रदेश में कांग्रेस के कतिपय विधायकों को उन्हें भाजपा की ओर से राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रलोभन दिए जाने संबंधी आरोपों के परिप्रेक्ष्य में श्री सिन्हा ने कहा कि यह गंभीर मुद्दा है। निर्वाचन आयोग को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में औपचारिक शिकायत भी आयोग के समक्ष दर्ज कराएंगे। श्री सिन्हा ने कहा कि खरीदफरोख्त संबंधी कार्य भाजपा ही करती है। महाराष्ट्र में हाल ही में किस तरह सरकार गिरायी और नयी सरकार बनायी गयी, यह सबने देखा है। इसी तरह से मध्यप्रदेश में भी क्या हुआ, सब जानते हैं।

उन्होंने कहा कि यह सब भाजपा का मौजूदा नेतृत्व कर रहा है। जबकि एक समय था, जब श्री अटल बिहारी वाजपेयी और श्री लालकृष्ण आडवाणी का दौर था। दो दशक से अधिक समय पहले श्री वाजपेयी की केंद्र में सरकार मात्र एक वोट से गिर गयी थी, तब श्री वाजपेयी ने सरकार बचाने के लिए खरीद फरोख्त नहीं की थी। अब भाजपा में क्या हो रहा है, यह सब जानते हैं। श्री सिन्हा कल देर शाम यहां पहुंचे थे और उन्होंने रात्रि में श्री कमलनाथ से मुलाकात की थी। इसके बाद आज श्री सिन्हा ने यहां कांग्रेस विधायकों की बैठक को संबोधित किया। 

 



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