संयुक्त राष्ट्र | संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने बच्चों की सुरक्षा के लिए भारत में कानूनी एवं प्रशासनिक ढांचा बनाए जाने और कई राज्यों में बाल सुरक्षा सेवाओं की पहुंच में सुधार का स्वागत किया है। हालांकि, कुछ जिलों में हथियारबंद समूहों द्बारा बच्चों की भर्ती किए जाने के खतरे को लेकर उन्होंने चिता भी जताई।

'बच्चों एवं सशस्त्र संघर्ष (सीएएसी) पर महासचिव की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने भारत में 'बच्चों एवं सशस्त्र संघर्ष पर विश्व निकाय के विशेष दूत वर्जीनिया गांबा के साथ जारी वार्ता का स्वागत किया है। उन्होंने नवंबर 2021 में हुई अंतरमंत्रालयी बैठक का जिक्र किया, जिसमें बच्चों की सुरक्षा बढ़ाने जाने की प्राथमिकता वाली पहलों तथा मुद्दों पर बातचीत हुई थी।
गुतारेस ने कहा, ''मैं बच्चों की सुरक्षा के लिए सहयोग बढ़ाने के क्षेत्रों की पहचान करने के वास्ते संयुक्त राष्ट्र के साथ 2022 में अंतरमंत्रालयी प्रौद्योगिकी स्तर की बैठक संबंधी संयुक्त प्रौद्योगिकी मिशन के समझौते का स्वागत करता हूं।

उन्होंने कहा, ''इस उन्नत समझौते से भारत, बच्चों एवं सशस्त्र संघर्ष पर मेरी अगली रिपोर्ट में चिता की स्थिति से बाहर आ सकता है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई मिशन ने कहा कि सीएएसी की रिपोर्ट में भारत के जिक्र के संबंध में कुछ वर्षों में ''हमने अपने बयानों में चिता व्यक्त की है।
भाषा शोभना ब्रजेन्द्र मनीषा

Leave a Reply

Your email address will not be published.