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क्रॉसओवर मैच में स्पेन के खिलाफ हार के साथ भारत का विश्व कप में खिताब का सपना टूट गया है।भारत को स्पेन के तीन के मुकाबले चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन टीम इनमें से एक को भी गोल में नहीं बदल सकी।भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर आठवें मिनट में मिला लेकिनभारतीय खिलाड़ी स्पेन के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे।

टेरेसा (स्पेन)। भारतीय महिला हॉकी टीम सोमवार को यहां क्रॉसओवर मैच में कड़े मुकाबले में सहमेजबान स्पेन के खिलाफ 0-1 की शिकस्त के साथ एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप में खिताब की दौड़ से बाहर हो गई।
तीन क्वार्टर तक दोनों टीम के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला लेकिन निर्धारित समय खत्म होने से सिर्फ तीन मिनट पहले मार्ता सेगु ने रिबाउंड पर गोल दागकर भारत को खिताब की दौड़ से बाहर कर दिया।
पूरे टूर्नामेंट की तरह क्रॉसओवर मैच में भी भारतीय टीम को पेनल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल पाने का खामियाजा भुगतना पड़ा। भारत को स्पेन के तीन के मुकाबले चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन टीम इनमें से एक को भी गोल में नहीं बदल सकी।
भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर आठवें मिनट में मिला लेकिन भारतीय खिलाड़ी स्पेन के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे।

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पहले क्वार्टर में दोनों टीम के खेल में हिचकिचाहट दिखी और दोनों टीम ने इस दौरान गलतियां की। इस दौरान गोल करने के काफी कम मौके बने।
स्पेन ने इसके बाद दबदबा बनाने का प्रयास किया और भारत की रक्षापंक्ति पर दबाव बनाया।
भारतीय कप्तान और गोलकीपर सविता ने इस बीच कुछ अच्छे बचाव किए। उन्होंने पहले पेनल्टी कॉर्नर पर शेंटल जाइन के प्रयास को नाकाम किया और फिर रिबाउंड पर इसी खिलाड़ी के प्रयास को विफल किया। इसके बाद उन्होंने रिबाउंड पर बेगोना गार्सिया के शॉट को भी गोल में जाने से रोका।
कुछ सेकेंड बाद भारत को अपना दूसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन पहले स्पेन की गोलकीपर मेलानी गार्सिया ने मोनिका के शॉट को रोका और फिर लूसिया जिमेनेज ने रिबाउंड पर खतरे को टाला।
भारत को इसके बाद बढ़त बनाने का मौका मिला लेकिन सलीमा टेटे के शानदार मूव पर मिली गेंद को वंदना कटारिया ने गोल के ऊपर से बाहर मार दिया।
मध्यांतर तक दोनों टीम गोल रहित बराबरी पर थी।
भारत ने तीसरे क्वार्टर में सकारात्मक शुरुआत की लेकिन टीम गोल करने में सफल नहीं हो पाई।
चौथे और अंतिम क्वार्टर में दोनों टीम को शुरुआत में ही मौके मिले। स्पेन की सारा बारियोस को गोलमुख के सामने सिर्फ सविता को छकाना था लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रहीं। स्पेन की रक्षापंक्ति ने इसके बाद भारत के प्रयास को विफल किया।

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जिमेनेज को एक बार फिर गोल करने का मौका मिला लेकिन एक बार फिर सविता उनके सामने दीवार बनकर खड़ी थी।
मोनिका ने कुछ अच्छे मूव बनाए लेकिन टीम को गोल करने में सफलता नहीं मिली।
सेगु ने इसके बाद निर्धारित समय खत्म होने से तीन मिनट पहले स्पेन को बढ़त दिलाई। क्लारा वाईकार्ट के शॉट को सविता ने रोका दिया लेकिन रिबाउंड पर सेगु ने गेंद को गोल में पहुंचा दिया।
स्पेन के लिए अंतिम कुछ मिनट काफी दबाव वाले रहे। गार्सिया को पीला कार्ड और सेगु को हरा कार्ड दिखाया गया जिससे टीम को नौ खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।
दो खिलाड़ी अधिक होने के बावजूद भारतीय टीम मौके का फायदा उठाकर गोल करने में नाकाम रही और पदक की दौड़ से बाहर हो गई।
भारत अब मंगलवार को यहां नौवें से 16वें स्थान के क्लासिफिकेशन मुकाबले में कनाडा से भिड़ेगा।
क्वार्टर फाइनल में न्यूजीलैंड का सामना जर्मनी, सहमेजबान नीदरलैंड का बेल्जियम, आस्ट्रेलिया का स्पेन और इंग्लैंड का अर्जेन्टीना से होगा।

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