संयुक्त राष्ट्र : यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मंगलवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर एक '' आतंकवादी बनने और ''आतंकवादी देश का नेतृत्व करने का आरोप लगाते हुए संयुक्त राष्ट्र से रूस को निष्कासित करने का अनुरोध किया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक को वीडियो के जरिए संबोधित करते हुए जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र से '' रूस के यूक्रेन की धरती पर अंजाम दिए कृत्यों की जांच करने और उस देश को जवाबदेह ठहराने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण स्थापित करने का आग्रह किया।

जेलेंस्की ने कहा, '' रूस द्बारा की जा रही इन हत्याओं को रोकने के लिए हमें तुरंत कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने आगाह किया कि ऐसा न करने पर रूस के ''आतंकवादी कृत्य अन्य यूरोपीय देशों और एशिया में भी फैलने लगेंगे। जेलेंस्की ने कहा, '' पुतिन एक आतंकवादी बन गए हैं। हर दिन आतंकवादी कृत्यों को अंजाम दे रहे हैं, सप्ताहांत पर भी नहीं रुक रहे। हर दिन वे आतंकवादियों की तरह व्यवहार कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र से रूस को बाहर करने का आग्रह करते हुए उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद-6 का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि एक सदस्य देश ''जिसने वर्तमान चार्टर के सिद्धांतों का लगातार उल्लंघन किया है, उसे सुरक्षा परिषद के अनुरोध पर महासभा द्बारा संगठन से निष्कासित किया जा सकता है।

रूस को निष्कासित करना असल में असंभव है, क्योंकि वह सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है और अपने खिलाफ ऐसी किसी भी कार्रवाई को रोकने के लिए वह 'वीटो का इस्तेमाल कर सकता है। जेलेंस्की ने अपने संबोधन को समाप्त करते हुए सुरक्षा परिषद के सदस्यों और अन्य लोगों को युद्ध में मारे गए ''लाखों यूक्रेनी बच्चों तथा वयस्कों को खड़े होकर एवं मौन रखकर श्रद्धांजलि देने का आग्रह किया। जेलेंस्की के अनुरोध पर संयुक्त राष्ट्र में रूस के उप राजदूत दिमित्री पोलांस्की सहित सभी सदस्य खड़े हुए।

वहीं, रूस के राजदूत ने यूक्रेन के राष्ट्रपति के वीडियो संबोधन को परिषद की परंपराओं तथा उन मौजूदा सिद्धांतों का उल्लंघन करार दिया, जिसके अनुसार किसी भी नेता को परिषद में अपनी बात रखने के लिए कक्ष में उपस्थित होना चाहिए। दिमित्री पोलांस्की ने कहा, '' संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को राष्ट्रपति जेलेंस्की के नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि) के सदस्य देशों से अधिक हथियार प्राप्त करने के लिए एक प्रचार अभियान का मंच नहीं बनना चाहिए।

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