इस्लामाबाद | अफगानिस्तान में आए शक्तिशाली भूकंप में पाकिस्तान के कम से कम 30कबायली लोगों की भी मौत हुई है, जो 2014 में एक सैन्य अभियान के दौरान विस्थापित हुए थे और सीमा पार कर पड़ोसी मुल्क भाग गए थे।पाकिस्तानी मीडिया में बृहस्पतिवार को प्रकाशित खबर के मुताबिक, भूकंप में जान गंवाने पाकिस्तानी नागरिक उत्तरी वजीरिस्तान के मदाखेल कबीले से ताल्लुक रखते थे।गौरतलब है कि पूर्वी अफगानिस्तान के ग्रामीण पहाड़ी क्षेत्र में बुधवार को 6.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें एक हजार से अधिक लोग मारे गए थे, जबकि 1,500से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे।

'डॉन अखबार की खबर के मुताबिक, पाकिस्तान के 30कबायली लोगों के शवों को उनके मूल स्थान पर पहुंचाया जाएगा, जिसके लिए पाकिस्तानी अधिकारियों ने अलवर मंडी में पाक-अफगान सरहद को अस्थायी तौर पर खोल दिया है।खबर में बताया गया है कि घायलों को ले जाने के लिए गुलाम खान सीमा पर भी व्यवस्था की गई है। मीरनशाह में मौजूद सैन्य सूत्रों के मुताबिक, घायलों को हवाई मार्ग से क्षेत्र में स्थापित किए जा रहे विशेष चिकित्सा शिविरों में पहुंचाया जाएगा।

खबर में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि शवों को लाने और घायलों की मदद करने के साथ ही भूकंप प्रभावित लोगों को राशन भी मुहैया कराया जा रहा है।खबर के अनुसार, भूकंप के कारण उत्तरी वजीरिस्तान के दताखेल में एक जांच चौकी भी ढह गई है, जिससे एक सैनिक की मौत हो गई और कम से कम दो अन्य जख्मी हो गए हैं। वहीं, लक्की मरवत जिले के पेजू इलाके में एक घर की छत गिरने से एक स्थानीय फुटबॉल खिलाड़ी की मौत हो गई है।खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार के प्रवक्ता मोहम्मद अली सैफ के मुताबिक, घायलों के इलाज के लिए उत्तरी और दक्षिणी वजीरिस्तान के अस्पतालों में बिस्तर आरक्षित किए गए हैं।

खबर में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की खास हिदायत के तहत अधिकारियों ने अफगानिस्तान में भूकंप पीड़ितों के लिए राहत सामग्री भेजी है।रेडियो पाकिस्तान ने बताया कि आठ ट्रकों के जरिये टेंट, तिरपाल, कंबल और जरूरी दवाओं की एक खेप काबुल भेजी गई है। खबर में कहा गया है कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को हर संभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया है।

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