कोलकाता | पश्चिम बंगाल के दिग्गज फिल्म निर्देशक तरुण मजूमदार की हालत गंभीर है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि फिल्म निर्देशक मजूमदार (92)को गुर्दे की समस्या की शिकायत के बाद पिछले शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका अभी एसएसकेएम अस्पताल के सीसीयू में इलाज चल रहा है। उन्हें सोमवार को एसएसकेएम के सीसीयू में स्थानांतरित कर दिया गया।

अस्पताल के एक प्रवक्ता ने कहा कि उनकी हालत में सुधार के बाद उन्हें जनरल वार्ड में स्थानांतरित कर दिया था लेकिन सोमवार रात को उनकी तबियत खराब होने पर फिर से आईसीयू में भर्ती कराया गया है।श्री मजूमदार डॉ.सौमित्र घोष और ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सोमनाथ कुंडू की देखरेख में हैं।

उन्हें 1962 की बंगाली फिल्म कांचर स्वर्ग के लिए पहला राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।श्री मजूमदार को एक राष्ट्रीय पुरस्कार, एक बीएफजेए पुरस्कार और निमंत्रण (1971) के लिए एक फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। इसके अलावा गणदेवता (1979) ने उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार और फिल्मफेयर पुरस्कार दिलाया। वह वर्ष 199० में पद्म श्री और पांच फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजे गये।
निर्देशक तरुण ने बालिका बधू (1967), कुहेली (1971), श्रीमन पृथ्वीराज (1973), फुलेश्वरी (1974), दादर कीर्ति (1980), भालोबासा (1985) और अपान अमर अपान (1990) जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में बनाईं। उनकी पत्नी संध्या रॉय ने उनकी बीस फिल्मों में और तापस पॉल ने आठ में अभिनय किया। मौसमी चटर्जी, महुआ रॉयचौधरी, अयान बनर्जी और तापस पॉल को उनके द्बारा सिल्वर स्क्रीन पर पेश किया गया था।

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