लाल बाजरी पर राफेल नडाल की बादशाहत कायम, रुड को हराकर 14वीं बार जीता फ्रेंच ओपन

0
35
लाल बाजरी पर राफेल नडाल की बादशाहत कायम, रुड को हराकर 14वीं बार जीता फ्रेंच ओपन

राफेल नडाल ने यह जीत अपने 36वें जन्मदिन के दो दिन बाद दर्ज की जिससे लाल बाजरी पर खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट के इतिहास में खिताब जीतने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने। नॉर्वे के 23 साल के रुड पहली बार ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचे थे।

पेरिस) राफेल नडाल ने रविवार को फ्रेंच ओपन फाइनल में कैस्पर रुड को 6-3, 6-3, 6-0 से हराकर रोलां गैरो अपनी बादशाहत कायम रखते हुए 14वीं चैंपियनशिप और कुल मिलाकर 22वां ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम किया। ये दोनों रिकॉर्ड पहले से ही नडाल के नाम है। नडाल ने यह जीत अपने 36वें जन्मदिन के दो दिन बाद दर्ज की जिससे लाल बाजरी पर खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट के इतिहास में खिताब जीतने वाले सबसे उम्रदराज  खिलाड़ी बने। नॉर्वे के 23 साल के रुड पहली बार ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचे थे। उन्होंने दूसरे सेट में 3-1 की बढ़त बनायी थी लेकिन नडाल के अनुभव के आगे उनकी एक ना चली।

नडाल ने इसके बाद लगातार सेट जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। नडाल ने इतने दबदबे से अपना खेल खेला कि रुड को पूरे मैच में कभी भी बड़ी बढ़त या वापसी का मौका नहीं मिला। उन्होंने रुड के 16 के मुकाबले 37 विनर्स लगाये। रुड की 26 सहज गलतियों के मुकाबले नडाल ने सिर्फ 16 ऐसी गलतियां की। नडाल ने शानदार बैकहैंड लगाकर मुकाबला अपने नाम किया और फिर यहां की लाल बाजरी पर अपनी रैकेट को रखकर दोनों हाथों से अपना चेहरा ढक कर जीत का जश्न मनाया। स्पेन के इस खिलाड़ी ने 2005 में 19 साल के उम्र में पहली बार यहां खिताब जीता था और इस टूर्नामेंट में तभी से उनका दबदबा कायम है।

सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के मामले में भी उन्होंने दिग्गज रोजर फेडरर और नोवाक जोकोविच पर दो खिताब की बढ़त बना ली है। फेडरर चोटिल होने के कारण पिछले काफी समय से खेल से दूर हैं तो वहीं जोकोविच कोविड-19 टीकाकरण विवाद के कारण ऑस्ट्रेलियाई ओपन में नहीं खेल सके थे। नडाल ने हाल के दिनों में बार-बार कहा है कि उनकी उम्र और पैर के पुराने दर्द को देखते हुए यह सुनिश्चित नहीं है कि  कौन सा मैच उनका आखिरी होगा।  ‘कोर्ट फिलिप चैट्रियर’ में  उनकी लय को देखकर हालांकि ऐसा नहीं लगा। उन्होंने अपने अभियान के दौरान शीर्ष 10 रैंकिंग में शामिल चार खिलाड़ियों (चौथे दौर में नंबर नौ फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे, क्वार्टर फाइनल में नंबर एक जोकोविच, सेमीफाइनल में नंबर तीन अलेक्जेंडर ज्वेरेव और फाइनल में रैंकिंग में नंबर आठ रुड) को शिकस्त दी। रोलां गैरो में नडाल का रिकॉर्ड कमाल का है।

उन्होंने यहां 14 फाइनल मुकाबले खेले है और सभी में जीत दर्ज की। उन्होंने यहां कुल 112 मैच खेले है जिसमें से सिर्फ तीन में हार का सामना करना पड़ा है। रुड इससे पहले कभी ग्रैंड स्लैम के क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़े थे। वह नडाल को अपना आदर्श मानते हैं। रुड ने बताया कि उन्होंने टीवी पर पेरिस में नडाल के पिछले सभी फाइनल देखे है। उन्होंने मल्लोर्का स्थित में नडाल की टेनिस अकादमी में प्रशिक्षण लिया है। दोनों ने अनगिनत बार एक दूसरे का सामना किया है लेकिन इस फाइनल से पहले प्रतिस्पर्धी मुकाबले में कभी एक-दूसरे से नहीं भिड़े। नडाल ने फ्रेंच ओपन के 14 खिताब के साथ , चार बार यूएस ओपन और दो-दो बार विम्बलडन तथा ऑस्ट्रेलियाई ओपन जीता है।

Disclaimer: यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।



LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here