मानसा : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के मूसा गांव के दौरे से पहले भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात कर ग्रामीणों को कथित तौर पर गांव में घुसने से रोके जाने को लेकर लोगों ने शुक्रवार को मानसा में पंजाब पुलिस के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। हालांकि, पुलिस ने बात से साफ इनकार करते हुए कहा कि किसी को भी गांव में घुसने से नहीं रोका गया है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के घर जाकर उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करेंगे।

मान के दौरे से पहले मूसेवाला के घर पहुंचे सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक गुरप्रीत सिह को भी विरोध का सामना करना पड़ा था। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। एक ग्रामीण ने दावा किया, हमारे वाहनों को गांव में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। हमारे रिश्तेदारों के वाहनों को प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। हालांकि, स्थिति को शांत करने के लिए प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे।

गायक के निधन पर शोक जताने के लिए बृहस्पतिवार को पंजाब के मंत्री हरपाल सिह चीमा और कुलदीप सिह धालीवाल ने मानसा में मूसेवाला के परिवार से मुलाकात की थी। पंजाब के मानसा में बीती 29 मई को अज्ञात हमलावरों ने सिद्धू मूसेवाला (28) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। राज्य सरकार द्बारा मूसेवाला की सुरक्षा घटाए जाने के एक दिन बाद यह घटना हुई थी। मूसेवाला के साथ महिद्रा थार जीप में यात्रा कर रहे उनके चचेरे भाई और एक दोस्त भी हमले में घायल हो गए थे।

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को बृहस्पतिवार को सूचित किया गया कि उन 424 लोगों के सुरक्षा घेरे को सात जून से बहाल कर दिया जाएगा, जिनकी सुरक्षा व्यवस्था को अस्थायी तौर पर घटाया गया था। पंजाब सरकार ने ‘घल्लूघारा सप्ताह और ‘ऑपरेशन ब्लूस्टार की बरसी के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था घटाई थी। भारतीय सेना ने जून 1984 में स्वर्ण मंदिर परिसर से आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए ‘ऑपरेशन ब्लूस्टार चलाया था। सुरक्षा घेरा घटाते समय पंजाब पुलिस ने कहा था कि कानून-व्यवस्था की एक स्थिति के मद्देनजर इन लोगों की सुरक्षा अस्थाई रूप से घटाई जा रही है।

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