मुंबई | बृहनमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने कहा है कि वह यह पता करने के लिए सर्वेक्षण करेगी कि शहर में दुकानों और प्रतिष्ठानों में मुख्यरूप से मराठी भाषा में लिखे साइन बोर्ड लगाने के नियम का पालन किया जा रहा है अथवा नहीं। बीएमसी ने दुकानों और प्रतिष्ठानों के लिए अपने साइन बोर्ड मराठी भाषा में लिखे होने और उन्हें प्रमुखता से दिखाने की समयसीमा 31 मई तय की थी।

बीएमसी ने मंगलवार को एक विज्ञप्ति जारी करके कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाली दुकानों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ उचित प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें कहा गया है कि सर्वेक्षण का कार्य अगले आठ से दस दिनों में किया जाएगा। गौरतलब है कि इस वर्ष बीएमसी के चुनाव होने हैं और दुकानों तथा प्रतिष्ठानों में मराठी भाषा में साइन बोर्ड शिव सेना और उसकी प्रतिद्बंद्बी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना आदि के लिए प्रमुख राजनीतिक मुद्दा रहा है।

मार्च में महाराष्ट्र विधानमंडल में एक कानून पारित किया गया था जिसमें दुकानों और प्रतिष्ठानों के लिए मराठी भाषा में लिखे साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य किया गया था। इसके बाद शिव सेना नीत राज्य सरकार ने कानून को लागू करने के संबंध में आदेश जारी किया था।

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