रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर लाभ के पद के मामले में गहराते संकट के बीच शुक्रवार को उनकी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राज्यपाल रमेश बैस को पत्र लिखकर इस विवाद में पक्ष बनाए जाने का अनुरोध किया। झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने राज्यपाल बैस को लिखे पत्र में कहा है कि झामुमो ने इस मामले में उन्हें पार्टी की ओर से पत्र लिखने के लिए अधिकृत किया है। उन्होंने पत्र में मुख्यमंत्री सोरेन की विधानसभा सदस्यता से जुड़े इस मामले में पार्टी को भी पक्ष बनाने का अनुरोध किया है।

पत्र में झामुमो ने दलील दी है कि सोरेन पार्टी के सदस्य हैं, पार्टी टिकट पर चुनाव जीते हैं और इसी कारण उन्हें झामुमो विधायक दल का नेता चुना गया लेकिन भाजपा ने सरकार को अस्थिर करने की साजिश रची है और राज्यपाल को मुख्यमंत्री की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने के लिए अर्जी दी है। झामुमो ने मांग की है, ”मामले की गंभीरता को देखते हुए 31 मई को मुख्यमंत्री की सदस्यता के मसले पर चुनाव आयोग में होने वाली सुनवाई में झामुमो को भी पक्षकार बनाया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने 14 फरवरी 2022 को राज्यपाल से मुलाकात कर आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पद का दुरूपयोग कर अपने नाम से रांची के अनगड़ा में खनन पट्टा लिया है जिसे देखते हुए जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 9(ए) के तहत उनकी सदस्यता रद्द की जानी चाहिए।

.

Leave a Reply

Your email address will not be published.