लड़कियों के वर्ग में हरियाणा ने सात स्वर्ण हासिल किए। हरियाणा के लिए पायल (46 किग्रा) ने तमिलनाडु की मुक्केबाज गुना श्री के खिलाफ 5-0 से जीत हासिल की। इसके अलावा और लक्षु (63 किग्रा) ने अरुणाचल प्रदेश की नबाम अनिया के खिलाफ आरएससी के आधार पर जीत हासिल की।

बेल्लारी (कर्नाटक)। सर्विसेज स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड (एसएससीबी) और हरियाणा के मुक्केबाजों ने कर्नाटक के बेल्लारी स्थित इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (आईएसएस) में आयोजित 2022 सब-जूनियर गर्ल्स एंड बॉयज नेशनल बाक्सिंग चैम्पियनशिप में क्रमश: लड़कों और लड़कियों के वर्ग के टीम चैंपियनशिप का खिताब जीतकर एक बार फिर भारतीय मुक्केबाजी में अपना दबदबा कायम किया।राष्ट्रीय इलीट वर्ग के पुरुष चैंपियन एसएससीबी के मुक्केबाजों ने प्रतियोगिता के अंतिम दिन  सनसनीखेज प्रदर्शन किया। उसके सभी नौ मुक्केबाज ने एकतरफा जीत के साथ अपनी टीम को 73 अंक दिलाए औऱ उसे लड़कों की टीम चैंपियनशिप ट्रॉफी हासिल करने में मदद की। इस टीम ने कुल 10 पदक जीते, जिनमें 9 स्वर्ण और एक कांस्य है।आकाश बधवार एसएससीबी मुक्केबाजों में सबसे प्रभावशाली रहे। उन्होंने लड़कों के 40 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में हरियाणा के विनीत कुमार को हराकर स्वर्ण पदक जीता। पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के लिए आकाश को सर्वश्रेष्ठ बॉक्सर के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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इसके अलावा मनशु (35 किग्रा), हर्ष (37 किग्रा), प्रियांशु (43 किग्रा), देवांग (55 किग्रा), जशनदीप (58 किग्रा), नकुल शर्मा (61 किग्रा), प्रशांत (64 किग्रा) और हार्दिक पंवार (+70 किग्रा) ने एसएससीबी के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया।हरियाणा और उत्तर प्रदेश ने लड़कों के वर्ग में क्रमशः 58 और 24 अंकों के साथ दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। हरियाणा ने जहां पांच स्वर्ण और तीन रजत पदक जीते, वहीं उत्तर प्रदेश ने तीन रजत और दो कांस्य पदक के साथ अपने अभियान का समापन किया।लड़कों के 46 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में छत्तीसगढ़ के गिरवान सिंह को हराने वाले हरियाणा के महेश को मोस्ट प्रॉमिसिंग बॉक्सर चुना गया, जबकि झारखंड के अनीश कुमार सिन्हा को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ चैलेंजर का पुरस्कार मिला।

लड़कियों के वर्ग में हरियाणा ने सात स्वर्ण हासिल किए। हरियाणा के लिए पायल (46 किग्रा) ने तमिलनाडु की मुक्केबाज गुना श्री के खिलाफ 5-0 से जीत हासिल की। इसके अलावा और लक्षु (63 किग्रा) ने  अरुणाचल प्रदेश की नबाम अनिया के खिलाफ आरएससी के आधार पर जीत हासिल की। सात स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य सहित 10 पदकों की मदद से हरियाणा ने कुल 60 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया।सोनिका (38 किग्रा), आरजू (42 किग्रा), जोनी (44 किग्रा), दीप्ति (48 किग्रा) और भूमिका (50 किग्रा) हरियाणा की अन्य मुक्केबाज हैं, जिन्होंने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

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पंजाब और महाराष्ट्र बालिका वर्ग में 38 और 27 अंकों के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।रागिनी मुट्टू (34 किग्रा), मुस्कान (54 किग्रा) और योगिमा कल्याण (57 किग्रा) ने पंजाब की झोली में तीन स्वर्ण पदक जोड़े। इसके अलावा पंजाब ने दो रजत और एक कांस्य भी जीता।महाराष्ट्र के लिए, आर्य गार्डे और समीक्षा सोलंकी ने अपने-अपने भार वर्ग के फाइनल में 5-0 की एकतरफा जीत हासिल करके स्वर्ण पदक जीता। आर्या ने 36 किग्रा भार वर्ग में गोवा की सगुन शिंदे को मात दी, जबकि समीक्षा ने 40 किग्रा में उत्तर प्रदेश की साधना को आराम से हराया।

टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पुणे की आर्या को लड़कियों के बीच मोस्ट प्रॉमिसिंग बॉक्सर अवार्ड से सम्मानित किया गया।इस बीच, इम्फाल की जोयश्री देवी ने 60 किग्रा भार वर्ग में हरियाणा की हंसिखा के खिलाफ 5-0 से जीत हासिल करके मणिपुर को टूर्नामेंट में अपना एकमात्र स्वर्ण पदक दिलाया।जोयश्री को लड़कियों के वर्ग में सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज का पुरस्कार मिला, जबकि गोवा की चंद्रिका पुजारी को सर्वश्रेष्ठ चैलेंजर मुक्केबाज के रूप में चुना गया।लड़कियों के 44 किग्रा भार वर्ग फाइनल में हरियाणा की जोनी के खिलाफ कड़े मुकाबले में 1-4 से हारकर चंद्रिका ने रजत पदक जीता।चैंपियनशिप में देश भर की 31 टीमों से खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इनमें लड़कों के वर्ग में 348 मुक्केबाज शामिल थे। चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने वाले कुल मुक्केबाजों की संख्या 621 थी। इस चैम्पियनशिप का प्रत्येक मुकाबला दो मिनट के तीन राउंड का था और प्रत्येक राउंड के बीच एक मिनट के ब्रेक का प्रावधान था।

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